मेरठ सेंट्रल मार्केट मामले में बुलडोजर कार्रवाई शुरू, पुलिस बल तैनात; जानिए- आखिर क्यों Central Market पर एक्शन हो रहा...
नॉकआउट न्यूज रिपोर्टर मेरठ। सेंट्रल मार्केट मामले में बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई है। बुधवार को शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट प्रकरण में अवैध मार्केट और मकानों पर कार्रवाई के चलते पूरे इलाके की बैरिकेडिंग की गई। मेरठ के सेंट्रल मार्केट मामले में 21 सितंबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले शास्त्रीनगर में बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है। अवैध मार्केट और मकान ढहाए जा रहे हैं। सुबह ही पूरे इलाके की पुलिस वालों ने बैरिकेडिंग कर दी। ध्वस्तीकरण की कारवाई के चलते अभी 6 में से 4 भूखंड को बुलडोजर से गिराया जा चुका है। आवास विकास के अधिकारियों के अनुसार लगभग 1 घंटे में कारवाई पूरी हो जाएगी।
व्यापारियों का कहना है कि 2 सितंबर को मेरठ बंद के दौरान उन्हें आश्वासन दिया गया था कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले किसी तरह की ध्वस्तीकरण या बुलडोजर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके बावजूद सुनवाई से कुछ दिन पहले ही आवास विकास की ओर से कार्रवाई की तैयारी शुरू किए जाने से व्यापारी नाराज हैं।
सेंट्रल मार्केट प्रकरण में आवास विकास की ओर से पूर्व में 44 व्यावसायिक भूखंडों को सील किया गया था। इनमें से कई भूखंड बाद में डी-सील किए गए।
शास्त्रीनगर में बुलडोजर कार्रवाई, 4 भूखंडों को गिराया, 2 पर कार्रवाई जारी
ध्वस्तीकरण की कारवाई के चलते अभी 6 में से 4 भूखंड को बुलडोजर से गिराया जा चुका है। आवास विकास के अधिकारियों के अनुसार लगभग 1 घंटे में कारवाई पूरी हो जाएगी।
सपा नेता हाउस अरेस्ट किए गए

सेंट्रल मार्केट प्रकरण में सपा नेता शैंकी वर्मा को पुलिस द्वारा ध्वस्तीकरण की कारवाई के दौरान हाउस अरेस्ट कर लिया है
बुलडोजर एक्शन जारी, ध्वस्तीकरण को लेकर व्यापारियों में नाराजगी
सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कारवाई जारी है । हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते कोई भी व्यापारी या अन्य व्यक्ति कोई कारवाई का विरोध नहीं कर रहा है।
आम जनता की एंट्री पर रोक
सेंट्रल मार्केट में आम जनता की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। कुल 6 भूखंडों में सेटबैक कारवाई को लेकर आवास विकास कार्रवाई कर रहा है। सील किए गए 44 भूखंड में से 6 पर कार्रवाई हो रही है। जबकि बाकियों ने अपना सेटबैक छोड़ने के लिए खुद कुछ अवैध हिस्सा ध्वस्त कर दिया है।
उप आयुक्त के साथ पुलिस बल तैनात
सेंट्रल मार्केट में बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई है। 2 बुलडोजर सेंट्रल मार्केट में कारवाई कर रहे है। आवास विकास के उप आयुक्त और अन्य प्रशासनिक अधिकारी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल यहां मौजूद हैं।
शास्त्रीनगर के सेक्टर 6 को सील किया गया, बैरिकेडिंग की गई
सेंट्रल मार्केट में जाने वाले सभी रास्तों को पुलिस ने बंद कर दिया गया है। आम जनता से लेकर जनप्रतिनिधि और सभी बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है।
क्या था आदेश
बीती 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आवास विकास को आदेश दिया गया था कि सेंट्रल मार्केट के क्षेत्र की 44 संपत्तियों को सील कर उसकी रिपोर्ट पेश की जाए इसके बाद 8 अप्रैल को आवास विकास द्वारा कार्रवाई करते हुए सभी 44 संपत्तियां सील कर दी गई जिसकी रिपोर्ट 9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में पेश भी की गई इसके बाद हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि 2 महीने के अंदर सभी 859 आवासीय संपत्तियों में चल रही कमर्शल गतिविधियां तो बंद कराई ही जाएं साथ ही आवासीय के लिए भी सेटबैक छोड़ जाए। जिसके चलते अब वहां रहने वाले लोगों को अपने मकान भी तोड़ने पड़ेंगे इसी का विरोध करते हुए सेक्टर 2 में 15 दिन धरना भी चला।
जानते हैं कि आखिर क्यों सेंट्रल मार्केट पर एक्शन हो रहा-
- साल-1990 की बात है। मेरठ में आवास-विकास को सूचना मिली कि आवासीय भूखंड पर कॉम्प्लेक्स का निर्माण सेंट्रल मार्केट में किया जा रहा है। अधीक्षण अभियंता अरविंद कुमार भूखंड संख्या 661/6 पर पहुंचे। उन्होंने लेंटर कार्य रुकवाने का प्रयास किया।
- इस पर स्थानीय व्यापारियों ने हंगामा खड़ा कर दिया। बात इतनी बढ़ गई कि व्यापारियों ने अधीक्षण अभियंता को थप्पड़ मार दिया। इस मामले में नौचंदी थाने में FIR दर्ज हुई। इसके बाद आवास विकास ने कई बार अवैध कॉम्प्लेक्स को गिराना चाहा, लेकिन कुछ न कुछ अड़चन आ गई।
- ऐसे में आवास-विकास ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर की। साल-2014 में हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि 2 महीने में ये अवैध इमारत गिराई जाए। व्यापारियों ने इस आदेश को चुनौती दी और सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए।
- करीब 10 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने 17 सितंबर, 2025 को कॉम्प्लेक्स नंबर 661/6 सहित सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का आदेश दिया। 25 अक्टूबर, 2025 को 22 दुकानों वाले इस कॉम्प्लेक्स को ढहा दिया गया था।
अब जानिए सेट बैक की शर्तें-
सेंट्रल मार्किट में पिछले काफी समय से सेट बैक को लेकर भ्रम की स्थिति है। यह साबित करने का प्रयास हो रहा है कि 60 मीटर तक के आवास के लिए सेट बैक जरूरी नहीं है। जबकि विभागीय सूत्रों की मानें तो नियम सब के लिए बराबर हैं। सेट बैक नहीं छोड़ा तो छोटे आवासों पर भी कार्रवाई होना तय है।
सेट बैक का गणित भी समझें-
फ्रंट सेटबैक (F): घर के सामने, सड़क और भवन के बीच की दूरी (सामने की तरफ)।
रियर सेटबैक (R): घर के पीछे, प्लॉट की पिछली सीमा और भवन के बीच की दूरी।
साइड सेटबैक (S1): घर के दाएं और बाएं किनारों पर, पड़ोसी प्लॉट की सीमा और भवन के बीच की दूरी।
स्ट्रीट सेटबैक (S2): कॉर्नर प्लॉट के मामले में, मुख्य सड़क के अतिरिक्त दूसरी सड़क की ओर की जगह।
सेंट्रल मार्किट के आवास पर सेटबैक-
- रेजीडेंशियल 150 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
- रेजीडेंशियल 151 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 1.5 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
- रेजीडेंशियल 300 वर्ग मीटर से 500 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
कमर्शियल के लिए सेटबैक-
- कमर्शियल 100 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1.5 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
- कमर्शियल 101 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
- कमर्शियल 301 वर्ग मीटर से 1000 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 4.5 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
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