यूएनजीए के दौरान जयशंकर की कूटनीतिक सक्रियता, त्रिपक्षीय फॉर्मेट से लेकर द्विपक्षीय सहयोग पर किया मंथन

Sep 23, 2026 - 13:26
0 6
यूएनजीए के दौरान जयशंकर की कूटनीतिक सक्रियता, त्रिपक्षीय फॉर्मेट से लेकर द्विपक्षीय सहयोग पर किया मंथन
Jaishankar diplomatic engagement during the UNGA

न्यूयॉर्क । विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से इतर कई देशों के अपने समकक्षों के साथ बैठकें कर रहे हैं। इन मुलाकातों के दैरान भारत-यूएई-फ्रांस त्रिपक्षीय सहयोग, नेपाल के साथ द्विपक्षीय संबंध, यूक्रेन और खाड़ी संकट तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्री ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विभिन्न पोस्ट्स के जरिए इसकी जानकारी दी।

 कुछ तस्वीरों के साथ इन मुलाकातों की अहमियत समझाई। जयशंकर ने भारत-यूएई-फ्रांस त्रिपक्षीय बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), अंतरिक्ष, स्वास्थ्य विज्ञान, ऊर्जा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग मुख्य चर्चा का विषय रहा। उन्होंने कहा, "तीनों देशों के साझा हित और एक-दूसरे की पूरक क्षमताएं सहयोग के व्यापक अवसर उपलब्ध कराती हैं। तीनों पक्षों ने बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए जल्द फिर बैठक करने पर भी सहमति जताई।" भारत-यूएई-फ्रांस त्रिपक्षीय व्यवस्था के तहत तीनों देश तकनीक, ऊर्जा, अंतरिक्ष और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। जयशंकर की हालिया बैठक में एआई और स्वास्थ्य विज्ञान जैसे उभरते क्षेत्रों को भी सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया।

जयशंकर ने नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल से भी मुलाकात की। दोनों ने दिल्ली में हुई पिछली बैठक (जून) के बाद द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। चर्चा में विकास साझेदारी और ऊर्जा सहयोग प्रमुख मुद्दे रहे। नेपाल के विदेश मंत्री ने हाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत की ओर से मिली एकजुटता और तत्काल सहायता के लिए आभार भी जताया। भारत और नेपाल के बीच बैठक में दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे करीबी संबंधों को और मजबूत करने तथा द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने आपसी हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल के साथ भी मुलाकात की। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने यूक्रेन और खाड़ी क्षेत्र में जारी संकटों को लेकर अपने आकलन साझा किए।

भारत और जर्मनी जी4 के सदस्य हैं और संयुक्त राष्ट्र तथा अन्य बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों के बीच सहयोग जारी है। जयशंकर ने इसके बाद जी4 के अपने समकक्षों ब्राजील, जर्मनी और जापान के साथ संयुक्त बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में बहुपक्षवाद में सुधार और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने की जरूरत पर चर्चा हुई। जी4 देश लंबे समय से सुरक्षा परिषद में सुधार और स्थायी सदस्यता के विस्तार की मांग करते रहे हैं। बैठक में चारों देशों ने इस साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक वास्तविकताओं को देखते हुए बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जरूरी है। सुरक्षा परिषद की संरचना में बदलाव के पक्ष में भारत का तर्क रहा है कि आज की वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक वास्तविकताओं को संयुक्त राष्ट्र की निर्णय लेने वाली संस्थाओं में अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिबिंबित किया जाना चाहिए।

इनपुट : आईएएनएस

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
KNOCKOUT NEWZ DIGITAL

Welcome to Knockout Newz Website. - Knockout Newz brings you the latest Breaking News, India News, Uttar Pradesh News, cities news, Politics, Trending, Sports, Entertainment, Business and Technology updates. Stay informed with fast, accurate and reliable journalism.

Comments (0)

User