भारत के यूपीआई ने बनाया वैश्विक रिकॉर्ड, हर महीने 20 अरब से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस कर रहा डिजिटल पेमेंट नेटवर्क

Sep 24, 2026 - 15:28
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भारत के यूपीआई ने बनाया वैश्विक रिकॉर्ड, हर महीने 20 अरब से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस कर रहा डिजिटल पेमेंट नेटवर्क
ndia UPI sets a global record
नई दिल्ली । भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) अब हर महीने 20 अरब से अधिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस कर रहा है और रियल-टाइम डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक बेंचमार्क स्थापित कर चुका है।
 
वैश्विक भुगतान उद्योग  2030 तक 2.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद 
बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) की रिपोर्ट में गुरुवार को कहा गया है कि यूपीआई इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस प्रकार डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर) बड़े पैमाने पर विस्तार और वित्तीय समावेशन दोनों को एक साथ आगे बढ़ा सकती है। 
रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक भुगतान उद्योग का राजस्व वर्ष 2030 तक 2.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि आने वाले वर्षों में इसकी वृद्धि दर कुछ धीमी होकर लगभग 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष रहने का अनुमान है, जबकि पिछले पांच वर्षों में यह लगभग 7 प्रतिशत रही थी।
 
 ऑनलाइन भुगतान में होगी तेजी
बीसीजी के प्रबंध निदेशक और भागीदार विवेक मंधाता ने कहा कि भारत का रियल-टाइम पेमेंट इकोसिस्टम डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि भारत ने वित्तीय समावेशन और बड़े पैमाने पर उपयोग दोनों के बीच संतुलन स्थापित किया है, जो दुनिया के कई देशों के लिए अध्ययन का विषय बन सकता है।
उन्होंने कहा कि यूपीआई के माध्यम से भारत ने करोड़ों लोगों को डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जोड़ा है और इसके बावजूद लेनदेन की वृद्धि दर बेहद मजबूत बनी हुई है। इसके साथ ही क्रेडिट कार्ड उपयोग भी विशेष रूप से ऑनलाइन भुगतान में तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बैंकों, फिनटेक कंपनियों और भुगतान सेवा प्रदाताओं के लिए मूल्य वर्धित सेवाएं विकसित करने के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
 
डिजिटल भुगतान बाजार का अगला चरण
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के डिजिटल भुगतान बाजार का अगला चरण एआई और एजेंटिक कॉमर्स की ओर बढ़ेगा। भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)-आधारित सिस्टम्स भुगतान अनुभव को और अधिक सहज, सुरक्षित और स्वचालित बना सकते हैं। इससे कंपनियों को लागत कम करने, उत्पादों में सुधार लाने और ट्रेड फाइनेंस तथा भुगतान संचालन जैसी पारंपरिक कागजी प्रक्रियाओं को स्वचालित करने में मदद मिल रही है।रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सर्वेक्षण में शामिल 73 प्रतिशत बड़े व्यापारियों ने संकेत दिया कि यदि उन्हें एजेंट-आधारित लेनदेन की बेहतर सुविधा और समर्थन मिलता है, तो वे अपने भुगतान सेवा प्रदाताओं को बदलने पर विचार कर सकते हैं।
इनपुट : आईएएनएस

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