India-EU Relations: भारत में यूरोपीय संघ (EU) के नए राजदूत जीन-एरिक पाकेट ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सौंपा परिचय पत्र
यूरोपीय संघ (EU) के भारत में नव-नियुक्त राजदूत जीन-एरिक पाकेट (Jean-Éric Paquet) ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक औपचारिक समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना परिचय पत्र (क्रेडेंशियल्स) प्रस्तुत किया। जानिए परिचय पत्र समारोह के औपचारिक विवरण, भारत-ईयू संबंधों की प्रमुख प्राथमिकताओं और आगामी रणनीतिक वार्ताओं पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट।
नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बहुआयामी कूटनीतिक और आर्थिक रिश्तों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राजनयिक कदम उठाते हुए, यूरोपीय संघ के नव-नियुक्त राजदूत जीन-एरिक पाकेट (Jean-Éric Paquet) ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना औपचारिक परिचय पत्र (Letter of Credence) प्रस्तुत किया है।
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस औपचारिक राजनयिक समारोह में राष्ट्रपति मुर्मु ने राजदूत पाकेट का औपचारिक स्वागत किया और भारत में उनके कार्यकाल के सफल होने की शुभकामनाएं दीं।
रणनीतिक साझेदारी और साझा प्राथमिकताओं पर संवाद
परिचय पत्र सौंपने के बाद हुई संक्षिप्त शिष्टाचार भेंट के दौरान भारत और यूरोपीय संघ के रिश्तों के प्रमुख आयामों पर विचार-विमर्श किया गया:
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लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित साझेदारी: राष्ट्रपति मुर्मु ने रेखांकित किया कि भारत और 27 देशों का यूरोपीय संघ दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक तंत्र हैं, जो विधि के शासन (Rule of Law), बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए निरंतर एक-दूसरे का सहयोग करते रहे हैं।
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मुक्त व्यापार समझौता (India-EU FTA): दोनों पक्षों ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच चल रही महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौता (FTA), निवेश संरक्षण समझौता (IPA) और जीआई (Geographical Indications) वार्ताओं को गति देने पर सहमति जताई, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई ऊंचाई मिल सके।
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क्लाइमेट एक्शन और क्लीन एनर्जी: स्वच्छ ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen), पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए दोनों पक्षों ने साझा नवाचार पर बल दिया।
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ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (TTC): सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नियमन और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थापित ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल की कार्यप्रणाली को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
कौन हैं राजदूत जीन-एरिक पाकेट?
जीन-एरिक पाकेट यूरोपीय आयोग के सबसे अनुभवी और वरिष्ठ राजनयिकों में गिने जाते हैं:
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व्यापक प्रशासनिक अनुभव: राजदूत पाकेट इससे पहले जापान में यूरोपीय संघ के राजदूत के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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अनुसंधान एवं नवाचार में नेतृत्व: उन्होंने यूरोपीय आयोग के अनुसंधान और नवाचार महानिदेशालय (DG RTD) के महानिदेशक (Director-General) के रूप में कार्य किया है, जहां उन्होंने 100 अरब यूरो के महत्वाकांक्षी वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रम 'होराइजन यूरोप' (Horizon Europe) के डिजाइन और क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका निभाई थी।
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भारत से तकनीकी जुड़ाव: उनका यह वैज्ञानिक और तकनीकी अनुभव भारत-यूरोपीय संघ के बीच रक्षा विनिर्माण, क्वांटम कंप्यूटिंग और ग्रीन टेक के क्षेत्र में सहयोग को व्यावहारिक रूप देने में अत्यंत लाभकारी माना जा रहा है।
भारत-ईयू रणनीतिक आयामों का सार
| पहलू | विवरण |
| व्यक्ति/पद | जीन-एरिक पाकेट (भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत) |
| प्रस्तुति स्थल | राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली |
| स्वीकारकर्ता | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु |
| मुख्य केंद्र बिंदु | मुक्त व्यापार समझौता (FTA), हरित तकनीक, डिजिटल सहयोग |
| राजनयिक पृष्ठभूमि | पूर्व राजदूत (जापान), पूर्व महानिदेशक (यूरोपीय आयोग - DG RTD) |
हिंद-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक स्थिरता
राजदूत पाकेट की तैनाती ऐसे समय में हुई है जब यूरोपीय संघ अपनी 'इंडो-पैसिफिक रणनीति' को सक्रिय रूप से लागू कर रहा है। दक्षिण चीन सागर और हिंद महासागर में नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री सुरक्षा के लिए यूरोपीय संघ भारत को अपना सबसे महत्वपूर्ण और विश्वसनीय भागीदार मानता है।
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