आकृति चौधरी केस में सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं नोएडा DM मेधा रूपम; इलाहाबाद हाईकोर्ट के ₹5 लाख वेतन कटौती व व्यक्तिगत टिप्पणियों वाले आदेश को दी चुनौती

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की छात्रा व सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाने के हाई-प्रोफाइल मामले में नया कानूनी मोड़ आ गया है। गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है। जानिए आकृति चौधरी एनएसए विवाद, हाईकोर्ट के फैसले और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपील पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 13, 2026 - 15:25
0 3
आकृति चौधरी केस में सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं नोएडा DM मेधा रूपम; इलाहाबाद हाईकोर्ट के ₹5 लाख वेतन कटौती व व्यक्तिगत टिप्पणियों वाले आदेश को दी चुनौती

नोएडा। दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा आकृति चौधरी के खिलाफ एनएसए लगाने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

गौतमबुद्ध नगर की डीएम मेधा रूपम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कहा गया था कि उनकी पर्सनल सैलरी से 5 लाख रुपए का मुआवजा वसूला जाए और वो मुआवजा डीयू की स्टूडेंट आकृति चौधरी को दिया जाए। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीयू की छात्रा आकृति चौधरी की एनएसए के तहत हिरासत को गैरकानूनी बताया था।

दरअसल, अप्रैल 2026 में नोएडा में हुए मजदूरों के आंदोलन के दौरान आकृति चौधरी को गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन पर एनएसए लगा दिया गया था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन में कथित भूमिका को लेकर आकृति चौधरी पर एनएसए लगाए जाने के फैसले की कड़ी आलोचना की थी। अदालत ने हिरासत के आधार को सिर्फ अनुमान पर आधारित और पर्याप्त सामग्री के अभाव वाला पाया था।

कोर्ट ने कहा था कि 5 लाख रुपए का मुआवजा उनकी हिरासत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की सैलरी से वसूला जाए। इसमें गौतमबुद्ध नगर की डीएम मेधा रूपम और अन्य अधिकारी शामिल हैं। हाईकोर्ट ने प्रशासन की कार्रवाई को "उपहास के योग्य" बताते हुए संबंधित अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड में अदालत की नाराजगी दर्ज करने का भी निर्देश दिया था।

इससे पहले 9 सितंबर को आकृति चौधरी की एनएसए हिरासत रद्द करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला लिया था।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सीजेआई सूर्यकांत की बेंच को बताया था कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल की जाएगी। अब राज्य सरकार के बाद नोएडा डीएम ने भी इसी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।


इनपुट : आईएएनएस

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User