असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक 7.8 करोड़ लोगों ने दाखिल किया आईटीआर

Sep 01, 2026 - 12:28
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असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक 7.8 करोड़ लोगों ने दाखिल किया आईटीआर
Income Tax

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने मंगलवार को कहा कि असेसमेंट ईयर (आकलन वर्ष) 2026-27 के लिए अब तक 7.8 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए जा चुके हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में आयकर विभाग ने कहा, "आकलन वर्ष 2026-27 के लिए 31 अगस्त तक रिकॉर्ड 7.8 करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल किए गए।" बता दें कि 31 जुलाई की अंतिम तिथि मुख्य रूप से वेतनभोगी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उन व्यक्तियों के लिए थी, जिनकी आय वेतन, मकान, ब्याज या कैपिटल गेन जैसे स्रोतों से होती है।

लेकिन जिन व्यक्तियों की आय व्यवसाय (बिजनेस) या पेशे से होती है और जिनके खातों का टैक्स ऑडिट आवश्यक नहीं है, उन्हें रिटर्न दाखिल करने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया था। इस श्रेणी में फ्रीलांसर, कंसल्टेंट, छोटे कारोबारी और कई प्रोफेशनल्स शामिल हैं, जो सामान्यतः आईटीआर-3 या आईटीआर-4 फॉर्म भरते हैं।

इसके अलावा, आईटीआर-3 का इस्तेमाल आम तौर पर ऐसे व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) द्वारा किया जाता है, जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से होती है और जो सरल आईटीआर फॉर्म दाखिल करने के पात्र नहीं हैं।

वहीं, आईटीआर-4, जिसे सुगम के नाम से भी जाना जाता है, पात्र निवासी व्यक्तियों, एचयूएफ और फर्मों के लिए है। इसमें एलएलपी को शामिल नहीं किया जाता। यह फॉर्म उन करदाताओं के लिए है जो अनुमानित कराधान योजना का विकल्प चुनते हैं।

आईटीआर-5 फर्मों, एलएलपी, व्यक्तियों के संघों (एओपी) और कुछ अन्य संस्थाओं पर लागू होता है, जबकि आईटीआर-7 उन व्यक्तियों और संस्थानों द्वारा दाखिल किया जाता है, जिन्हें आयकर अधिनियम के कुछ विशेष प्रावधानों के तहत रिटर्न दाखिल करना होता है।

यदि किसी व्यवसाय या पेशे से जुड़े करदाता के खातों का टैक्स ऑडिट अनिवार्य है, तो उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

आमतौर पर अगर किसी व्यक्ति की कर योग्य आय मूल छूट सीमा से अधिक है, तो उसे आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य होता है। नई टैक्स व्यवस्था के तहत 4 लाख रुपए तक की आय पर टैक्स नहीं लगता। वहीं पुरानी टैक्स व्यवस्था में 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों के लिए यह सीमा 2.5 लाख रुपए, 60 से 79 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3 लाख रुपए और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के सुपर सीनियर सिटीजन के लिए 5 लाख रुपए है।

हालांकि, कुछ मामलों में आय छूट सीमा से कम होने के बावजूद भी आईटीआर फाइल करना जरूरी होता है। यदि किसी निवासी भारतीय के पास विदेश में कोई संपत्ति है, वह किसी विदेशी संपत्ति का लाभार्थी है, किसी विदेशी बैंक खाते में हस्ताक्षर करने का अधिकार रखता है या विदेश में कोई वित्तीय हित रखता है, तो उसे अनिवार्य रूप से आईटीआर दाखिल करना होगा।

इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति ने वित्तीय वर्ष के दौरान निर्धारित हाई-वैल्यू वित्तीय लेनदेन किए हैं या उसकी कुल आय कटौतियों और छूट (जैसे धारा 80सी से 80यू या धारा 54 आदि) का लाभ लेने से पहले मूल छूट सीमा से अधिक है, तो भी आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है।

इनपुट : आईएएनएस

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