डब्ल्यूएचओ महानिदेशक टेड्रोस गेब्रेयसस ने की भारत के स्वास्थ्य मॉडल की मुक्तकंठ से सराहना; बोले- 'आशा कार्यकर्ता प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत रीढ़'

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदनोम गेब्रेयसस ने भारत के प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल मॉडल (Primary Healthcare Model) और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में उठाए गए कदमों की जमकर सराहना की है। जानिए डब्ल्यूएचओ प्रमुख के बयान, भारतीय स्वास्थ्य मॉडल की प्रमुख विशेषताओं और आशा कार्यकर्ताओं के योगदान से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 10, 2026 - 11:33
0 7
डब्ल्यूएचओ महानिदेशक टेड्रोस गेब्रेयसस ने की भारत के स्वास्थ्य मॉडल की मुक्तकंठ से सराहना; बोले- 'आशा कार्यकर्ता प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत रीढ़'

दिली (तिमोर-लेस्ते)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की है। उन्होंने खास तौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार और गैर-संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की तारीफ की।

टेड्रोस ने एशियाई देश तिमोर-लेस्ते की राजधानी दिली में आयोजित डब्‍ल्‍यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय समिति के 79वें सत्र के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत की स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों और डब्‍ल्‍यूएचओ के साथ उसके जारी सहयोग पर चर्चा की।

गुरुवार को सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्स' पर टेड्रोस ने लिखा, "मैंने भारत के स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और उन्हें देश की स्वास्थ्य सेवाओं में हुई प्रभावशाली प्रगति के लिए बधाई दी। खास तौर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोगों के खिलाफ लड़ाई में भारत ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।"

उन्होंने 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' पहल की भी सराहना की, जिसके जरिए देशभर में लोगों की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और जांच सुविधाओं तक पहुंच बढ़ी है।

टेड्रोस ने कहा कि लगभग 1.6 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से भारत हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह और आम प्रकार के कैंसर की जांच की सुविधा लोगों के घरों के करीब पहुंचा रहा है। साथ ही जिन मरीजों को आगे इलाज की जरूरत होती है, उनके लिए रेफरल की व्यवस्था भी उपलब्ध है।

डब्‍ल्‍यूएचओ प्रमुख ने भारत की आशा कार्यकर्ताओं के विशाल नेटवर्क की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ये कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाने में, खासकर महिलाओं, माताओं और बच्चों की विभिन्न चरणों में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

टेड्रोस ने कहा, "भारत की आशा कार्यकर्ता इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण हैं कि स्वास्थ्य सेवाएं लोगों तक उनके समुदायों में कैसे पहुंचाई जा सकती हैं। वे गर्भधारण से लेकर किशोरावस्था तक माताओं और बच्चों को सहयोग देती हैं।"

उन्होंने कहा कि टीकाकरण के दायरे के विस्तार और अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों में होने वाले प्रसव की दर 78 से बढ़कर 93 प्रतिशत होने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में लगातार सुधार देखने को मिला है।

बैठक के दौरान टेड्रोस और नड्डा ने भारत के टीबी उन्मूलन के प्रयासों पर भी चर्चा की। इस क्षेत्र में भारत व्यापक जांच, बेहतर पहचान, उपचार और जनस्वास्थ्य संबंधी कदमों के जरिए प्रयासों को तेज कर रहा है।

दोनों नेताओं ने चिकित्सा उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए उनके नियमन को और मजबूत बनाने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही डब्‍ल्‍यूएचओ के साथ वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं पर भारत के लगातार सहयोग की भी समीक्षा की गई।

टेड्रोस ने डब्‍ल्‍यूएचओ को भारत की ओर से दिए जा रहे महत्वपूर्ण सहयोग और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों में उसकी भूमिका की भी सराहना की। इसमें पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग के साथ-साथ डब्‍ल्‍यूएचओ महामारी समझौते के तहत पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग प्रणाली पर चल रही बातचीत भी शामिल है।

टेड्रोस और नड्डा की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब डब्‍ल्‍यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों के स्वास्थ्य मंत्री और प्रतिनिधि द‍िली में क्षेत्रीय समिति के 79वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए एकत्र हुए हैं। इस बातचीत के दौरान भारत की स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई प्रगति, उसकी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत व्यवस्था और वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग में उसकी भूमिका प्रमुख विषयों में शामिल रहे।


इनपुट : आईएएनएस

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User