'सरकार ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है', महाराष्ट्र धर्मांतरण विरोधी कानून पर बोले वारिस पठान

Aug 29, 2026 - 12:14
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'सरकार ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है', महाराष्ट्र धर्मांतरण विरोधी कानून पर बोले वारिस पठान

मुंबई। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने धर्मांतरण को लेकर कहा कि यह संविधान का उल्लंघन है और हर धर्म को अपने तरीके से मानने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में किसी को धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, लेकिन अगर कोई अपनी मर्जी से धर्म अपनाना चाहता है तो उसे जेल में डालना गलत है और सरकार सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। साथ ही उन्होंने नेपाल में बाढ़ से हुई मौतों पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। 

महाराष्ट्र धर्मांतरण विरोधी कानून एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, "यह संविधान का उल्लंघन है। हमने पहले भी कहा है कि धर्म मानने की आजादी का मतलब है कि हर धर्म को अपने तरीके से मानने का अधिकार है। जो कोई भी अपने धर्म को मानना चाहता है, उसे ऐसा करने की इजाजत होनी चाहिए।"

उन्होंने कहा कि यह सरकार सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की चीजें ला रही है। मूल मुद्दों पर सरकार से बात करना चाहिए। अमरावती में तीन बच्चों की, जो पैदा हुए, उनकी आग लगने की वजह से जान चली गई। सुरक्षा का तो पता-ठिकाना नहीं है। चीनी का भाव इतना बढ़ता जा रहा है, उसपर सरकार कुछ नहीं बोलेगी। मगर नहीं, सरकार को मुसलमानों के प्रति नफरत फैलाना है, इस तरह के कानून लाके सिर्फ एक ही समुदाय को सरकार टारगेट कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम में यह साफ-साफ कहा गया है कि आप किसी को धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। लेकिन अगर कोई वीडियो या ऑडियो देखता या सुनता है और उसे सुनने के बाद उसे लगता है कि वह किसी खास धर्म को मानना ​​चाहता है, और वह उसे अपनाना चुनता है, तो आप क्या करेंगे? क्या आप उन्हें जेल में डाल देंगे? यह सरकार सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, "यह बहुत दुख की बात है। नेपाल में आई इस दुखद घटना से हमारा दिल दुखा है, जहां बाढ़ की वजह से लोगों की जान चली गई है। हम उन सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताते हैं जिन्होंने अपने घर और अपना सब कुछ खो दिया है। हम प्रभावित लोगों के प्रति भी अपनी संवेदना जताते हैं, और हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि जो लोग घायल हुए हैं वे जल्द से जल्द ठीक हो जाएं।"

महिला आरक्षण बिल को लेकर उन्होंने कहा कि जब संसद सत्र बुलाया जाएगा, उस वक्त हमारे पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी वहां पर जवाब देंगे। वहीं, नेपाल की त्रासदी को लेकर उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुखद है। हमारा दिल आहत है कि नेपाल के अंदर जो यह आपदा आई है, लोगों की जान गई है। हमारी संवेदनाएं हैं उन तमाम परिवार वालों के साथ जिन्होंने अपने घर-बार खो दिए, अपने चाहने वालों को खो दिया। जो घायल हुए हैं, हम चाहते हैं कि जल्दी से जल्दी स्वस्थ हो जाएं, ऊपर वाले से हमारी दुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि भारत सरकार इस वक्त नेपाल को पूरी तरह से मदद करे, पैकेज के जरिए, जो भी हो सकता है। इसमें राजनीति नहीं करनी चाहिए, पूरी तरह से मदद करनी चाहिए; वह हमारा पड़ोसी मुल्क है। मेरी जानकारी के मुताबिक भारत के तकरीबन 100 से ज्यादा जो लोग थे, वहां गए थे, उनका पता-ठिकाना नहीं मिला। कुछ लोगों का पता-ठिकाना मिला है। हम तो चाहेंगे कि भारत सरकार एक ऐसा डेस्क बनाए जहां पर लोगों को अच्छे तरीके से जानकारी दी जाए कि आपके रिश्तेदार यहां हैं।

  इनपुट : आईएएनएस

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