नए सीमा शुल्क और बैंकिंग सुधारों के दम पर देश 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य हासिल करेगा: वित्त मंत्री

Sep 01, 2026 - 12:59
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नए सीमा शुल्क और बैंकिंग सुधारों के दम पर देश 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य हासिल करेगा: वित्त मंत्री
Nirmala Sitharaman

एशविले। भारत नए सीमा शुल्क और बैंकिंग सुधारों की तैयारी कर रहा है। इसमें रिस्क आधारित आयात स्क्रीनिंग और विकसित भारत में बैंकिंग सेक्टर की भूमिका पर फोकस होगा। यह जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से दी गई।  

जी20 में वित्त मंत्रियों की बैठक के साइडलाइन में एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में आईएएनएस से बातचीत में सीतारमण ने कहा कि अगला चरण प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कराधान में पहले से किए गए बदलावों पर आधारित होगा।

उन्होंने कहा, "हमने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर के मामले में कई कदम उठाए हैं। सीमा शुल्क के मामले में भी कुछ काम किया है, लेकिन अभी और भी बहुत कुछ करना बाकी है। हम इन पर आगे काम करेंगे।"

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार भारतीय बंदरगाहों से आयात किए गए सामान की आवाजाही को और आसान बनाने के लिए काम कर रही है।

एक अहम प्रस्ताव में स्कैनर लगाना और ज्यादा जोखिम वाले आयात की जांच पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है। इससे बाकी कंसाइनमेंट को ऑटोमैटिक तरीके से मंजूरी मिल सकेगी, जिससे कारोबारियों को होने वाली देरी कम होगी और बंदरगाहों पर भीड़ भी घटेगी।

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, "हम स्कैनर लाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि सिर्फ ज्यादा जोखिम वाले आयात ही उनसे गुजरें, और बाकी लोगों को ऑटोमैटिक मंजूरी मिल जाए।"

उन्होंने आगे कहा, "सीमा शुल्क के क्षेत्र में कई सुधार किए जा रहे हैं।"

इस तरीके से सीमा शुल्क अधिकारियों को ज्यादा जोखिम वाले आयात की जांच पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी, जबकि दूसरे मामलों में मंजूरी तेजी से मिल सकेगी।

हालांकि, वित्त मंत्री सीतारमण ने स्कैनर लाने या प्रस्तावित ऑटोमैटिक मंजूरी सिस्टम को लागू करने के लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई।

सरकार ने बैंकिंग सेक्टर और भारत के विकास लक्ष्यों को हासिल करने में इसकी भूमिका की जांच के लिए एक हाई-लेवल कमेटी भी बनाई है।

उन्होंने आईएएनएस को बताया, "हमने 'विकसित भारत' के लिए बैंकिंग व्यवस्था पर विचार करने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है।"

उन्होंने आगे कहा, "वह कमेटी अपनी रिपोर्ट भी देगी," लेकिन यह नहीं बताया कि उसकी सिफारिशें कब सौंपी जाएंगी।

सरकार के व्यापक सुधार कार्यक्रम के अगले चरण के बारे में पूछे जाने पर, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जरूरत पड़ने पर बदलाव किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, "हम जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे, वैसे-वैसे कदम उठाएंगे।"

वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर बिजनेस के माहौल को बेहतर बनाने और नागरिकों व कंपनियों पर नियमों का पालन करने का बोझ कम करने के लिए काम किया है।

उन्होंने आगे कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, हमने नागरिकों पर नियमों का पालन करने का बोझ काफी कम किया है, चाहे वह कानूनों में सुधार करके हो, नियमों को आसान बनाकर हो, या पुराने कानूनों को हटाकर हो।"

वित्त मंत्री के अनुसार, 1,000 से ज्यादा कानून हटाए गए हैं और लगभग 40,000 नियमों को आसान बनाया गया है।

ये प्रस्तावित सुधार ऐसे समय में आए हैं जब भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज में तेजी वृद्धि देखने को मिली है।

इनपुट : आईएएनएस

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