IIT बॉम्बे में छात्र की आत्महत्या के बाद बवाल, प्रदर्शनकारियों से मिला प्रशासन, 18 मांगों पर टिकी निगाहें

Sep 21, 2026 - 11:48
0 3
IIT बॉम्बे में छात्र की आत्महत्या के बाद बवाल, प्रदर्शनकारियों से मिला प्रशासन, 18 मांगों पर टिकी निगाहें
IIT Bombay

मुंबई: IIT बॉम्बे में 22 साल के छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की आत्महत्या से मौत के बाद कैंपस में तनाव बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अभिभावकों तथा संस्थान प्रशासन के बीच आज टकराव की आशंका है, हालांकि एक उम्मीद की किरण भी नज़र आई है IIT बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदार ने प्रदर्शनकारी छात्रों की 18 मांगों वाली सूची पर दस्तखत कर दिए हैं। माना जा रहा है कि आज संस्थान की ओर से इस मामले में कोई औपचारिक ऐलान हो सकता है।

वाकोडे पिछले शुक्रवार को अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए थे यह घटना उस दिन हुई जब कथित तौर पर उन्हें मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और ChatGPT के इस्तेमाल के आरोप में पकड़ा गया था।

मामला अब और गरमा गया है, क्योंकि दोनों पक्ष प्रदर्शनकारी और प्रशासन इस दुखद घटना के लिए एक-दूसरे को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं।

IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने परीक्षा में निगरानी कर रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन में आवाज़ उठाई है। फोरम का कहना है कि छात्र के पास "बिना अनुमति के स्मार्टफोन" पाए जाने के बाद प्रोफेसर ने संस्थान के तय नियमों का ही पालन किया था। फोरम ने छात्र की मौत पर गहरा दुख भी जताया और यवतमाल (महाराष्ट्र) निवासी इस बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

वहीं दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों और छात्र के परिवार का आरोप है कि वाकोडे को कैंपस में संस्थागत उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।

रविवार रात IIT बॉम्बे प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात कर उनकी 18 मांगों पर चर्चा की। इनमें शैक्षणिक समितियों में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करना, कैंपस में हुई चार आत्महत्याओं के मामलों की स्वतंत्र जांच, और प्रोफेसरों के लिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कार्यशालाएं आयोजित करना जैसी मांगें शामिल हैं।

जानकारों के मुताबिक, इन मांगों पर औपचारिक ऐलान आज हो सकता है।

देर रात हुई इस बैठक के बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया है कि वे आज 'इंडिया अगेंस्ट कास्टिज़्म' के बैनर तले IIT बॉम्बे के मुख्य गेट पर इकट्ठा होंगे। उन्होंने कैंपस में पहले हुई अन्य आत्महत्याओं का भी ज़िक्र किया, जिन्हें लेकर जातिगत भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा है "हम यहां मरने नहीं आए हैं।"

फैकल्टी फोरम ने संस्थान की तय प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि प्रोफेसर ने घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी थी, जैसा नियमों में तय है। फोरम के मुताबिक छात्र परीक्षा के दौरान बिना अनुमति का स्मार्टफोन रखते और इस्तेमाल करते पाए गए थे।

फोरम ने कहा कि प्रोफेसर ने सिर्फ अपनी अकादमिक ज़िम्मेदारी निभाई और तय प्रक्रिया का पालन किया। साथ ही फोरम ने इस बात पर चिंता जताई कि प्रोफेसर के खिलाफ दिए जा रहे बयानों से उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।

उधर, छात्र के माता-पिता ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मामला दर्ज कराया है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
KNOCKOUT NEWZ DIGITAL

Welcome to Knockout Newz Website. - Knockout Newz brings you the latest Breaking News, India News, Uttar Pradesh News, cities news, Politics, Trending, Sports, Entertainment, Business and Technology updates. Stay informed with fast, accurate and reliable journalism.

Comments (0)

User