संभल में मंदिर-मस्जिद विवाद और भड़काऊ बयानबाजी मामले में पुलिस का सख्त एक्शन; चार लोगों को थमाया नोटिस
उत्तर प्रदेश के संवेदनशील जिले संभल में ऐतिहासिक मंदिर-मस्जिद स्थल विवाद और हालिया तनाव को लेकर पुलिस-प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भड़काऊ भाषणबाजी, अफवाहें फैलाने और सांप्रदायिक सौहार्द को चोट पहुंचाने के आरोप में संभल पुलिस ने चार प्रमुख लोगों को कानूनी नोटिस जारी किया है।जानिए संभल में जारी विवाद, पुलिस द्वारा भेजे गए नोटिस और सुरक्षा व्यवस्था पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट।
संभल (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के संभल में ऐतिहासिक धार्मिक स्थल (जामा मस्जिद/हरिहर मंदिर परिसर) को लेकर जारी विवाद के बीच पुलिस प्रशासन ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। शहर में शांति व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से संभल पुलिस ने भड़काऊ बयानबाजी और अफवाहें फैलाने के मामले में चार लोगों को नोटिस जारी किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की सुसंगत निरोधात्मक धाराओं के तहत तामील कराए गए हैं, ताकि संवेदनशील स्थिति में किसी भी तरह के तनाव या कानून-व्यवस्था के संकट को पहले ही रोका जा सके।
क्यों भेजा गया नोटिस?
पुलिस जांच और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर यह निरोधात्मक कार्रवाई की गई है:
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भड़काऊ टिप्पणियों पर निगरानी: पुलिस की डिजिटल सर्विलांस टीम लगातार सोशल मीडिया हैंडल्स, वीडियो संदेशों और सार्वजनिक बयानों पर नजर रख रही थी। जांच में पाया गया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा विवादित स्थल को लेकर ऐसे बयान दिए जा रहे थे, जिनसे जनभावनाएं भड़कने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा था।
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शांति भंग करने की आशंका: पुलिस प्रशासन ने चिह्नित चार व्यक्तियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे किसी भी मंच या माध्यम पर ऐसा कोई वक्तव्य न दें जो सामाजिक सौहार्द के प्रतिकूल हो।
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कानूनी बांड और चेतावनी: संबंधित पक्षों को तय समय-सीमा के भीतर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण देने और शांति बनाए रखने के लिए मुचलका (बांड) भरने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर उनके विरुद्ध दंडात्मक विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
संभल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम; चप्पे-चप्पे पर पहरा
विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाया गया है:
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संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च: पुलिस, पीएसी (PAC) और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों ने मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों, बाजारों और विवादित स्थल के आसपास नियमित फ्लैग मार्च शुरू किया है।
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ड्रोन और कैमरों से निगरानी: संभल के संवेदनशील चौराहों और छतों पर किसी भी प्रकार के ईंट-पत्थर या संदिग्ध गतिविधि को पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरों से एरियल सर्विलांस किया जा रहा है।
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सोशल मीडिया पर जीरो टॉलरेंस: जिला पुलिस ने साफ चेतावनी जारी की है कि व्हाट्सएप, फेसबुक, यूट्यूब या एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट, वीडियो या असत्यापित खबर को फॉरवर्ड करने वालों को सीधे कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का सामना करना पड़ेगा।
प्रशासन की जनता से अपील
संभल के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय धर्मगुरुओं, प्रबुद्ध नागरिकों और अमन कमेटियों के साथ बैठक कर शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विवादित स्थल का मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है, ऐसे में किसी भी संगठन या व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने या जनता को उकसाने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें।
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