राज ठाकरे ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और ईवीएम को चुनाव प्रक्रिया से हटाने की मांग की

Sep 24, 2026 - 14:43
0 4
राज ठाकरे ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और ईवीएम को चुनाव प्रक्रिया से हटाने की मांग की

मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने गुरुवार को भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मीडिया में हाल ही में हुए खुलासों ने यह साबित कर दिया है कि चुनाव आयोग की संवैधानिक स्वायत्तता पूरी तरह खत्म हो चुकी है।  

एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए राज ठाकरे ने कहा कि ये बातें उस बात की पुष्टि करती हैं जिसका आरोप महाराष्ट्र में विपक्षी दल शुरू से ही लगाते रहे हैं।

ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लंबी पोस्ट कर आरोप लगाया कि सीईसी ने स्वतंत्र रूप से काम नहीं किया बल्कि उन्हें सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मनमाने फैसले लेने के लिए 'मजबूर' किया गया।

स्वतंत्र चुनाव आयोग की अवधारणा अब सिर्फ किताबों में ही रह गई: राज ठाकरे

उन्होंने तर्क दिया कि स्वतंत्र चुनाव आयोग की अवधारणा अब सिर्फ किताबों में ही रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में 'आजादी' का मतलब सत्ताधारी पार्टी की पूरी तरह से गुलामी करना है। ठाकरे ने कहा, "चुनाव आयुक्त संधू और जोशी द्वारा उठाए गए सवाल इतने गंभीर हैं कि उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जब तीन में से दो आयुक्तों को अंधेरे में रखा जाता है और दरकिनार कर दिया जाता है, तो यह साबित होता है कि वोटर लिस्ट में मनमाने ढंग से हेरफेर की गई थी।"

रिपोर्ट की खास घटनाओं का जिक्र करते हुए ठाकरे ने सवाल उठाया कि वोटर लिस्ट सॉफ्टवेयर, कानूनी फॉर्म में बदलाव और बड़े पैमाने पर कानूनी अपीलों, जैसे पश्चिम बंगाल में दायर 16.1 लाख अपीलों से जुड़े अहम निर्देश पूरे आयोग की मंजूरी के बिना कैसे जारी किए जा सकते हैं। उन्होंने गोवा में तकनीकी खराबी का भी जिक्र किया, जिसकी वजह से 97 वेरिफाइड वोटर वोट नहीं डाल पाए थे। इसे उन्होंने जानबूझकर किए गए केंद्रीकरण और सिस्टम में हेरफेर का सबूत बताया।

फाइल पर अपनी असहमति दर्ज करने के लिए दोनों चुनाव आयुक्तों की तारीफ करते हुए राज ठाकरे ने देशभर के सभी विपक्षी दलों से एक बड़ी लड़ाई के लिए एकजुट होने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ लड़ाई को अब एक देशव्यापी आंदोलन का रूप लेना चाहिए, जिसमें पेपर बैलेट की वापसी की मांग हो।

मनसे प्रमुख ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे, ईसीआई के फैसलों को निर्देशित करने वाले कथित "मास्टरमाइंड्स" की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच, चुनाव की निष्पक्षता से समझौता करने के आधार पर मौजूदा सरकार के इस्तीफे और आने वाले सभी चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को हटाकर पारंपरिक पेपर बैलेट का इस्तेमाल करने की मांग की है।

मुख्य चुनाव आयुक्त को निश्चित रूप से इस्तीफा दे देना चाहिए: राज ठाकरे

उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, "मुख्य चुनाव आयुक्त को निश्चित रूप से इस्तीफा दे देना चाहिए, लेकिन जो सरकार ऐसे कमजोर चुनाव आयोग का फायदा उठाकर सत्ता में आई है, उसे भी हट जाना चाहिए। बहुमत का दावा करने वाली सरकार के चुने जाने के बाद सड़कों पर कोई जश्न नहीं मनाया गया, यह बात बहुत कुछ कहती है। मैं शुरू से यही कहता आ रहा हूं। इसलिए, सभी को यह परम सत्य समझना चाहिए कि जब तक चुनाव आयोग वास्तव में स्वतंत्र नहीं हो जाता, जैसा कि उसे होना चाहिए, तब तक सत्ताधारी सरकार को जमीन पर नहीं लाया जा सकता; अन्यथा, यह लड़ाई कभी खत्म नहीं होगी।"

राजनीतिक टिप्पणीकारों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले इस सवाल का जवाब देते हुए कि उनकी रैलियों में भारी भीड़ के बावजूद उन्हें सीटें क्यों नहीं मिलीं, ठाकरे ने कहा कि ईसीआई के भीतर से मिली अंदरूनी जानकारी इस बात का पक्का जवाब देती है कि 'वोट कौन और कैसे चुराता है।' उन्होंने इस चेतावनी के साथ अपनी बात खत्म की कि जब तक चुनाव आयोग की निष्पक्षता बहाल नहीं होती, तब तक देश में लोकतांत्रिक मुकाबले मूल रूप से कमजोर बने रहेंगे।

इनपुट : आईएएनएस

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
KNOCKOUT NEWZ DIGITAL

Welcome to Knockout Newz Website. - Knockout Newz brings you the latest Breaking News, India News, Uttar Pradesh News, cities news, Politics, Trending, Sports, Entertainment, Business and Technology updates. Stay informed with fast, accurate and reliable journalism.

Comments (0)

User