7 अक्टूबर का पंचांग
नई दिल्ली । हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।
7 अक्टूबर 2026 को आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रात 11:16 बजे तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। बुधवार सुबह 6:24 बजे सूर्योदय और शाम 6:05 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, रात 2:59 चंद्रोदय और शाम 4:02 बजे चंद्रास्त होगा।
इस दिन सूर्य हस्त नक्षत्र में रहेगा। बुधवार को रात 2:51 बजे तक शुभ योग रहेगा। ज्योतिषीय पंचांग के 27 नित्य योगों में से शुभ योग 23वें नंबर का एक अत्यंत शुभ और मांगलिक योग माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जिन लोगों ने अपने पूर्व जन्म में अच्छे और पुण्य कर्म किए होते हैं, उनका जन्म इस योग में होता है। मुहूर्त शास्त्र के अनुसार, शुभ योग के दौरान सगाई, विवाह, गृह प्रवेश, नए वाहन की खरीद, व्यापार का शुभारंभ, और किसी भी प्रकार की यात्रा या मांगलिक कार्य करना बेहद शुभ माना जाता है।
इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ और फलदायी समय माना जाता है।
बुधवार को रात 7:18 से 8:52 बजे तक अमृतकाल रहेगा। ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि (मुहूर्त) है। इसे अमृत के समान उत्तम फल देने वाला माना जाता है। इस दिन राहुकाल दोपहर 12:14 बजे से 1:42 बजे तक रहेगा।
बुधवार को गुलिक काल सुबह 10:47 से दोपहर 12:14 बजे तक रहेगा। गुलिक काल को 'विषैला समय' भी कहा जाता है। यह एक उपग्रह है, इसको अशुभ माना जाता है। माना जाता है कि इस काल में किए गए कार्य नकारात्मक परिणाम देते हैं। इस काल में कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उनको जारी रखा जा सकता है।
इस दिन यमगंड काल सुबह 7:52 से 9:19 बजे तक रहेगा। यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु, या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है। नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए। इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने से बचना चाहिए और पैसों के लेनदेन से भी बचना चाहिए।
बुधवार को सूर्य कन्या राशि में स्थित रहेंगे, जब सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन, कामकाज और बौद्धिक क्षमता पर विशेष रूप से पड़ता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दौरान व्यावहारिक और योजनाबद्ध तरीके से काम करना लाभकारी माना जाता है।इस दिन चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेगा।
इनपुट : आईएएनएस
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)