आईआरडीएआई के प्रस्तावित नए नियमों से देश में बदल जाएगा पूरा इंश्योरेंस इकोसिस्टम, ग्राहकों को होगा फायदा

Sep 25, 2026 - 16:59
0 2
आईआरडीएआई के प्रस्तावित नए नियमों से देश में बदल जाएगा पूरा इंश्योरेंस इकोसिस्टम, ग्राहकों को होगा फायदा
IRDAI Reforms

बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) की तरफ से प्रस्तावित नए नियमों से देश के इंश्योरेंस इकोसिस्टम में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इससे इंश्योरेंस इंडस्ट्री में प्रोडक्ट के हिसाब से कमीशन कैप की नई व्यवस्था लागू हो सकती है।

तीन-स्तरीय ढांचा ग्राहकों को फायदा, डिस्ट्रीब्यूटर्स पर दबाव

इंश्योरेंस रेगुलेटर ने डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में बड़े सुधारों का प्रस्ताव दिया है, जिसमें एक आसान तीन-स्तरीय ढांचा शामिल है। इसका मकसद है पॉलिसीहोल्डर्स के लिए लागत कम करना, पारदर्शिता बढ़ाना, और बड़े पैमाने पर गलत तरीके से पॉलिसी बेचने के खिलाफ सुरक्षा को मजबूत करना।

जानकारों का कहना है कि इससे ग्राहकों को निश्चित तौर पर फायदा होगा, लेकिन बैंक-एश्योरेंस पार्टनर और एनबीएफसी जैसे डिस्ट्रीब्यूटर्स के मार्जिन पर तुरंत दबाव भी बढ़ेगा।

डेलॉइट इंडिया के पार्टनर देबाशीष बनर्जी ने कहा, "इस प्रस्ताव का मकसद डिजिटल तरीकों को अपनाना, पॉलिसी को लंबे समय तक बनाए रखना और एक ऐसा टिकाऊ मार्केट बनाना है जो ग्राहकों को प्राथमिकता दे। जैसा कहा जाता है — 'जरूरत ही आविष्कार की जननी है', और ये बदलाव कंपनियों को नए तरीके अपनाने पर मजबूर करेंगे।"

मोटर इंश्योरेंस पर सीधा असर

'बीमा वितरण के अर्थशास्त्र को फिर से तय करने' पर IRDAI के कंसल्टेशन पेपर में नए वाहनों के मोटर इंश्योरेंस के लिए कमीशन की सीमा तय करने का प्रस्ताव है:

  • थर्ड-पार्टी प्रीमियम पर कमीशन शून्य
  • ओन-डैमेज (खुद के नुकसान) कवर पर कमीशन सिर्फ 5%

इसके साथ ही टेक्नोलॉजी, जागरूकता और उससे जुड़े खर्च भी अब कमीशन की सीमा के दायरे में आ जाएंगे। मौजूदा मोटर इंश्योरेंस सर्विस प्रोवाइडर (MISP) सिस्टम की जगह अब एक व्यापक इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन एंटिटी (IDE) सिस्टम लागू होगा।

शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी की पार्टनर शैलजा लाल के मुताबिक, "इन बदलावों का असर ऑटोमोबाइल डीलरों, OEM से जुड़े ब्रोकर्स, इंश्योरेंस कंपनियों और मोटर इंश्योरेंस बेचने वाले बाकी लोगों पर भारी पड़ेगा। नई गाड़ियों की पॉलिसी से होने वाली शुरुआती कमाई घटने और डीलर समझौतों के सख्त होने से डिस्ट्रीब्यूशन मार्जिन और कम हो सकता है।"

डीलर-इंश्योरेंस के रिश्ते को अलग करने की कोशिश

इन प्रस्तावों का मकसद इंश्योरेंस की बिक्री को डीलर से जुड़े दूसरे रिश्तों से अलग करना है। अब डीलर सिर्फ इसलिए कैशलेस रिपेयर से इनकार नहीं कर पाएंगे कि ग्राहक ने इंश्योरेंस कहीं और से खरीदा है।

इसके अलावा IRDAI ग्राहकों को 'बीमा सुगम' जैसे वैकल्पिक डिजिटल चैनलों तक ज्यादा पहुंच देने का भी प्रस्ताव दे रहा है। डीलरों के लिए यह भी अनिवार्य होगा कि वे गाड़ी बेचते वक्त ग्राहकों को इस विकल्प के बारे में साफ तौर पर बताएं।

शैलजा लाल ने कहा, "इन सुधारों से डीलर-आधारित पारंपरिक मॉडल बदल सकता है, जिसमें इंश्योरेंस की बिक्री, गाड़ी की फाइनेंसिंग और बिक्री के बाद की सर्विसिंग आपस में गहराई से जुड़ी होती हैं। आय पर दबाव डिस्ट्रीब्यूटर्स को रिन्यूअल, सर्विसिंग, टेक्नोलॉजी और मंजूरशुदा वैल्यू-एडेड सेवाओं पर ज्यादा ध्यान देने के लिए प्रेरित कर सकता है।"

हेल्थ इंश्योरेंस पर भी लगेगी कमीशन की लगाम

कंसल्टेशन पेपर में सभी तरह के जनरल इंश्योरेंस कमीशन पर सीमा लगाने का प्रस्ताव है:

  • हेल्थ इंश्योरेंस का पहली बार का कमीशन 15% से 20% के बीच
  • रिन्यूअल और पोर्टिंग पेआउट  सिर्फ 5% से 10% तक सीमित

ड्राफ्ट पेपर में डिस्ट्रीब्यूशन संस्थाओं के पहले साल के कमीशन को भी अवधि के आधार पर 5% से 20% के बीच सीमित किया गया है जबकि पहले प्रमोशनल खर्च और रिवॉर्ड्स को मिलाकर यह पेआउट 60% तक पहुंच जाता था।

अंतिम असर अभी तय नहीं

हालांकि जानकारों का यह भी कहना है कि इसका असल असर इस बात पर निर्भर करेगा कि IRDAI आखिरकार कौन से नियम फाइनल तौर पर अपनाता है, और उनके लागू होने के लिए किस तरह का ट्रांजिशन फ्रेमवर्क तय किया जाता है।

इनपुट : आईएएनएस

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
KNOCKOUT NEWZ DIGITAL

Welcome to Knockout Newz Website. - Knockout Newz brings you the latest Breaking News, India News, Uttar Pradesh News, cities news, Politics, Trending, Sports, Entertainment, Business and Technology updates. Stay informed with fast, accurate and reliable journalism.

Comments (0)

User