उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट; हिमाचल और यूपी में भी भारी वर्षा की चेतावनी, चारधाम यात्रा पर असर
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से उत्तराखंड के कई जनपदों में मूसलाधार वर्षा और आकाशीय बिजली चमकने का रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिससे भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा बढ़ गया है। जानिए मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान, प्रभावित जिलों और सुरक्षा दिशा-निर्देशों पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट।
देहरादून/नई दिल्ली: उत्तर भारत में मौसम के मिजाज में आए तीखे बदलाव के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश, बादलों की गर्जना और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते राज्य प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
खराब मौसम और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन के खतरे को देखते हुए चारधाम यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।
उत्तराखंड: कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम और कई जनपदों में अत्यंत तीव्र बारिश का दौर देखने को मिल सकता है:
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संवेदनशील जनपद: देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर में तीव्र से अति-तीव्र बारिश के दौर की चेतावनी है।
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भूस्खलन और बोल्डर गिरने का खतरा: भारी वर्षा के चलते पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन (Landslide), मडस्लाइड और चट्टानें गिरने का गंभीर अंदेशा जताया गया है।
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ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी: उच्च हिमालयी क्षेत्रों (3,600 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई) पर हल्की बर्फबारी दर्ज की जा रही है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है।
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चारधाम यात्रियों को सलाह: प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम साफ होने तक सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
हिमाचल प्रदेश: तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट
पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी मौसमी गतिविधियां तेज हो गई हैं:
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गरज-चमक और झोंकेदार हवाएं: मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है।
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पहाड़ी इलाकों में सतर्कता: शिमला, मंडी, कुल्लू और सिरमौर जैसे क्षेत्रों में नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को संवेदनशील जलस्रोतों से दूर रहने की हिदायत दी है।
उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में जलभराव का संकट
मैदानी इलाकों में उत्तर प्रदेश भी तेज बारिश की चपेट में है:
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पश्चिमी यूपी में मूसलाधार बारिश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।
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पूर्वी यूपी में भी असर: पूर्वी उत्तर प्रदेश में रुक-रुक कर हो रही बारिश से शहरी इलाकों में जलभराव और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की समस्या सामने आ रही है।
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किसानों और आम जनता को सावधानी: मौसम विभाग ने खुले मैदानों में काम कर रहे किसानों को बिजली गिरने की आशंका के चलते पक्के आश्रयों में रहने और जर्जर इमारतों व पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है।
आपदा प्रबंधन और राहत दलों की तैनाती
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित राज्यों में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में रणनीतिक रूप से तैनात कर दिया गया है। संबंधित जिलाधिकारियों को नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
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