उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का कहर: 10 लोगों की मौत, 117 मकान क्षतिग्रस्त
उत्तर प्रदेश में शनिवार को बारिश से जुड़े विभिन्न हादसों में 10 लोगों की जान चली गई और 17 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, राज्य के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है और कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का मध्यम खतरा बना हुआ है।
राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान सामान्य से 19 गुना अधिक बारिश हुई है। मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं के कारण 117 घरों को नुकसान पहुंचा है और खड़ी फसलों को भी भारी क्षति हुई है।
पुलिस के मुताबिक, कच्चे मकानों और मिट्टी की दीवारें ढहने की अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि तेज हवाओं के चलते पेड़ उखड़ने से 5 अन्य लोगों की जान गई और 14 लोग घायल हुए।
लखीमपुर खीरी, अमेठी, बाराबंकी और गोरखपुर जिलों से हताहतों की सूचना मिली है। राजधानी लखनऊ के चैना गांव में मिट्टी के मकान की दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए, जिन्हें मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं कन्नौज में लगातार बारिश से 20 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए, हालांकि एडीएम देवेंद्र सिंह ने जिले में किसी जनहानि की सूचना से इनकार किया है।
गोरखपुर में पेड़ गिरने से बड़ा हादसा
गोरखपुर में पेड़ उखड़ने की घटनाओं में 4 लोगों की मौत हो गई और 14 घायल हुए। कैंपियरगंज के लक्ष्मीपुर द्वितीय गांव के गजरहिया टोला में शाम करीब 4 बजे एक पुराना साल का पेड़ एक झोपड़ी पर गिर गया। इस हादसे में सुभाष (55), ज्ञानमती देवी (45) और किशन प्रजापति (13) की जान चली गई, जबकि राममिलन और सिरजावती गंभीर रूप से घायल हो गए।
तूफान के समय कई ग्रामीणों ने झोपड़ी में शरण ली हुई थी। स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही एसडीएम और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया।
एक अन्य घटना में गगहा क्षेत्र के सियार मोड़ के पास महुआ का पेड़ गिरने से भीम कुमार विश्वकर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। जतेपुर दक्षिणी मोहल्ले की काली मंदिर गली में करीब 80 साल पुराना पाकड़ का पेड़ एक घर पर गिर गया, जिससे सुरेश, सुभाष, मुन्नी और चुन्नी घायल हो गए। हादसे के वक्त घर में करीब 12 लोग मौजूद थे। पेड़ गिरने से बिजली के खंभे टूट गए और बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बचाव अभियान शुरू करने से पहले बिजली कनेक्शन काटा गया। डीएम दीपक मीणा और एसएसपी कौस्तुभ ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
बारिश के आंकड़े और मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह तक के 21 घंटों में लखनऊ में 125.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना तथा कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए 24 घंटों में बांदा में 227.6 मिमी, फतेहगढ़ में 224 मिमी, नानपारा (बहराइच) में 217 मिमी, हरदोई में 214 मिमी, कायमगंज (फर्रुखाबाद) में 210 मिमी, हमीरपुर में 210 मिमी और कन्नौज में 204 मिमी बारिश दर्ज की गई। लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, शाहजहांपुर, कानपुर, लखनऊ और बाराबंकी में भी भारी से बहुत भारी वर्षा हुई।
आईएमडी ने बताया कि पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन (अवसाद) उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा था। शनिवार सुबह 5:30 बजे यह प्रयागराज से करीब 230 किमी दक्षिण में केंद्रित था। मौसम विभाग ने मध्य तराई क्षेत्र में अत्यधिक भारी बारिश और कई जलक्षेत्रों में अचानक बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी है।
जनजीवन प्रभावित, जलभराव और फसलों को नुकसान
भीषण बारिश से कई इलाकों में गंभीर जलभराव हो गया और यातायात ठप हो गया। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को रात भर पानी भरने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि तेज हवाओं और सड़कों पर भरे पानी ने आवाजाही बेहद मुश्किल बना दी है।
अयोध्या में बारिश और तेज हवाओं से राम पथ, राम मंदिर परिसर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू क्षेत्र के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई। ग्रामीण इलाकों में किसानों ने खड़ी फसलों के नुकसान की बात कही है। हरदोई के किसान प्रमोद कुमार ने बताया कि अगर बारिश और हवाएं इसी तरह जारी रहीं, तो फसलें गिर जाएंगी और नुकसान और बढ़ जाएगा।
प्रशासन अलर्ट मोड पर: स्कूल बंद और राहत कार्य तेज
मौसम पूर्वानुमान और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रखा है। आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, बस्ती, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, कौशांबी और चित्रकूट को संवेदनशील जिलों के रूप में चिह्नित किया गया है।
रेड अलर्ट वाले और बाढ़ संभावित जिलों में स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्रों के जिलाधिकारियों को सतर्क रहने, संवेदनशील स्थानों का दौरा करने और राहत व बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। आम लोगों को आंधी और बिजली चमकने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा पेड़ों और जलस्रोतों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
देवरिया, संतकबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, एटा, मैनपुरी और बरेली समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। नेपाल में भारी बारिश को देखते हुए पड़ोसी देश से सटे सीमावर्ती जिलों, विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में नदियों के बढ़ते जलस्तर पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दमकल विभाग, पीएसी, नागरिक सुरक्षा, होमगार्ड और आपदा मित्रों को राहत कार्य के लिए तैयार रखा गया है। राहत आयुक्त ने बताया कि अगले 36 घंटों के बाद मौसम सामान्य होने की उम्मीद है। आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070 जारी किया गया है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर जलभराव को लेकर सियासी हमला
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर गंगा एक्सप्रेसवे पर हुए जलभराव का एक वीडियो साझा करते हुए सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने लिखा, "गंगा एक्सप्रेसवे पर बह रही है भाजपा के भ्रष्टाचार की नदियां। नाम बदलने वालों के लिए स्वर्णिम अवसर, इसका नाम बदलकर रख दें: गंगा एक्सप्रेस वाटरवे। घोर निंदनीय!"
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