भारत को दोहरा झटका; तनीषा-ध्रुव और ट्रीसा-गायत्री की जोड़ी क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर, टूटा पदक का सपना
एशियाई खेलों में बैडमिंटन कोर्ट से भारत के लिए निराशाजनक खबर सामने आई है। डबल्स स्पर्धाओं में भारत की दो प्रमुख जोड़ियां क्वार्टर फाइनल की बाधा पार करने में नाकाम रहीं और पदक की दौड़ से बाहर हो गईं। मिक्स्ड डबल्स के कड़े मुकाबले में तनीषा क्रास्टो और ध्रुव कपिला की जोड़ी को शीर्ष वरीयता प्राप्त प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ सीधे गेमों में हार का सामना करना पड़ा। जानिए दोनों क्वार्टर फाइनल मुकाबलों का हाल, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और भारतीय बैडमिंटन अभियान की वर्तमान स्थिति पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट।
हांगझोउ/नई दिल्ली: एशियाई खेलों में भारतीय बैडमिंटन दल को डबल्स मुकाबलों में रविवार को दोहरा झटका लगा। पदक से महज एक जीत दूर खड़ी भारत की दो प्रमुख जोड़ियां—तनीषा क्रास्टो व ध्रुव कपिला (मिक्स्ड डबल्स) और ट्रीसा जॉली व गायत्री गोपीचंद (महिला डबल्स)—अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में हारकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई हैं।
सेमीफाइनल में पहुंचते ही दोनों जोड़ियों का कम से कम कांस्य पदक (Bronze Medal) पक्का हो जाता, लेकिन अंतिम आठ के इन बेहद प्रतिस्पर्धी मुकाबलों में विरोधी टीमों ने भारतीय खिलाड़ियों को दबाव में रखते हुए जीत दर्ज की।
मिक्स्ड डबल्स: तनीषा और ध्रुव की चुनौती समाप्त
मिक्स्ड डबल्स के क्वार्टर फाइनल में तनीषा क्रास्टो और ध्रुव कपिला की युवा भारतीय जोड़ी को शीर्ष स्तर की एशियाई जोड़ी के खिलाफ कोर्ट पर उतरना पड़ा:
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शुरुआती बढ़त भुनाने में चूके: पहले गेम में तनीषा और ध्रुव ने तेज रैलियों के जरिए कड़ी टक्कर दी, लेकिन नेट पर अनफोर्स्ड एरर्स (Unforced Errors) और विरोधी टीम के आक्रामक स्मैश के चलते वे बढ़त बरकरार नहीं रख सके।
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सीधे गेमों में शिकस्त: दूसरे गेम में विपक्षी खिलाड़ियों ने कोर्ट कवरेज में शानदार रणनीति दिखाते हुए भारतीय जोड़ी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और मुकाबला सीधे सेटों में अपने नाम कर लिया।
महिला डबल्स: ट्रीसा और गायत्री का कड़ा संघर्ष, पर जीत से चूकीं
महिला डबल्स में भारत की शीर्ष वरीय जोड़ी ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद से देश को पदक की सबसे ज्यादा उम्मीदें थीं:
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लंबी और थका देने वाली रैलियां: मैच के दौरान दोनों छोर से 50 से अधिक शॉट्स की कई मैराथन रैलियां देखने को मिलीं। ट्रीसा ने बैककोर्ट से आक्रामक स्मैश लगाए, जबकि गायत्री ने नेट पर शानदार डिफ्लेक्शन दिखाए।
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दबाव में विरोधी टीम का पलड़ा भारी: मैच के निर्णायक और बेहद करीबी पलों में प्रतिद्वंद्वी जोड़ी ने रक्षात्मक खेल को आक्रामकता में बदलते हुए महत्वपूर्ण अंक बटोरे।
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अभियान का अंत: कड़े संघर्ष और पूरे दमखम के बावजूद भारतीय जोड़ी मैच को अपने पक्ष में मोड़ने में नाकाम रही और क्वार्टर फाइनल में ही उनका सफर समाप्त हो गया।
डबल्स स्पर्धाओं में परिणाम का सार
| वर्ग (Event) | भारतीय जोड़ी | राउंड | परिणाम |
| मिक्स्ड डबल्स | तनीषा क्रास्टो / ध्रुव कपिला | क्वार्टर फाइनल | हारकर बाहर |
| महिला डबल्स | ट्रीसा जॉली / गायत्री गोपीचंद | क्वार्टर फाइनल | हारकर बाहर |
अब सिंगल्स और मेंस डबल्स पर टिकीं निगाहें
डबल्स में इन दो बड़ी हारों के बाद अब भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों की सारी उम्मीदें सिंगल्स मुकाबलों और मेंस डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी व चिराग शेट्टी की स्टार जोड़ी पर टिक गई हैं। भारतीय दल को उम्मीद है कि बचे हुए मुकाबलों में खिलाड़ी अपनी लय बरकरार रखते हुए देश की झोली में पदक डालने में सफल रहेंगे।
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