84 साल की उम्र में महानायक अमिताभ बच्चन ने जताया बड़ा अफसोस; बोले- 'जीवन में संगीत नहीं सीख पाने का है गहरा मलाल

हिंदी सिनेमा के महानायक और सदी के सबसे बड़े अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अपने जीवन के इस पड़ाव पर एक अनकहा और भावुक अफसोस साझा किया है। उम्र के 84वें पड़ाव पर पहुंचकर 'बिग बी' ने स्वीकार किया कि उन्हें इस बात का गहरा मलाल है कि वे अपने जीवन में कभी शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा नहीं ले सके और कोई वाद्य यंत्र नहीं सीख पाए। जानिए अमिताभ बच्चन के इस बयान, संगीत से उनके अनूठे जुड़ाव और उनके इस गहरे अफसोस के पीछे की पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 11, 2026 - 11:39
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84 साल की उम्र में महानायक अमिताभ बच्चन ने जताया बड़ा अफसोस; बोले- 'जीवन में संगीत नहीं सीख पाने का है गहरा मलाल

मुंबई। मेगास्टार अमिताभ बच्चन अपनी अदायगी और दमदार आवाज से मनोरंजन जगत में खास पहचान रखते हैं। अभिनेता ने हाल ही में संगीत सीखने और वाद्य यंत्र बजाने की अपनी एक अधूरी इच्छा के बारे में बताया। 

क्विज रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति-18' के आगामी एपिसोड में अभिनेता ने बताया कि संगीत में गहरी रुचि होने के बावजूद वे इस कला को नहीं सीख पाए, जिसका उन्हें आज भी दुख है।

दरअसल, शो के दौरान अभिनेता ने कंटेस्टेंट कृतज्ञा नैयर के साथ हुई बातचीत में इस बात का खुलासा किया था। कृतज्ञा ने बच्चन साहब से शो पर पॉपुलर गेम 'दिस और दैट' खेलने की रिक्वेस्ट की थी।

कृतज्ञा नैयर ने मेगास्टार से कहा, "सर, मेरी आपसे एक रिक्वेस्ट है। मैंने आपको बताया था कि मैं कंटेंट बनाता हूं। सर, आपसे बड़े कंटेंट क्रिएटर इस देश में कोई नहीं है।"

कृतज्ञा नैयर ने मेगास्टार को बताया कि वह यह गेम खेलना ही इसलिए चाहते हैं ताकि वह भी एक रील बना सकें और कुछ फॉलोअर्स बढ़ा सकें।

शो के दौरान कृतज्ञा नैयर ने बच्चन साहब से पूछा कि क्या वह अपने अतीत के किसी एक दिन को फिर से जीना पसंद करेंगे या ऐसा कोई दिन जीना चाहेंगे जो उन्होंने कभी जिया ही नहीं, लेकिन हमेशा से जीने की इच्छा रही हो।

इस पर अमिताभ बच्चन ने कहा, "सर, सच कहें तो हमारे जीवन में इतनी घटनाएं हुई हैं कि पता नहीं कौन सा दिन दोबारा जीना चाहेंगे और दूसरा हिस्सा है कि ऐसा कोई दिन जीना जो अब तक नहीं जिया।"

आगे अभिनेता ने बताया कि उनको संगीत सीखने की काफी इच्छा थी, जो कि अधूरी रह गई। उन्होंने कहा, "सर, संगीत हमने नहीं सीखा है और उसकी बहुत ख्वाहिश थी। जब हम संगीतकारों और गीतकारों को सुनते हैं तो कहते हैं, ‘इतना बढ़िया कैसे गाते हैं?’ ये सब हमने कभी सीखा ही नहीं।"

अमिताभ ने आगे कहा, "घर में, संगीत सीखने के लिए जितने यंत्र होने चाहिए, वो सब इक्ट्ठा करके रखे हुए हैं। उनके ऊपर हम फूलों की माला चढ़ाते हैं कि एक दिन आएगा जब हम कुछ सीखेंगे। अब 84 साल हो गए हैं, कुछ नहीं आया हमें। तो इस बात का हमें बहुत दुख है।"


इनपुट : आईएएनएस

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