भारत के लिए रूस बड़े पेट्रोल निर्यात गंतव्य के रूप में उभरा, शिपमेंट करीब एक मिलियन बैरल पहुंची

Aug 30, 2026 - 16:28
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भारत के लिए रूस बड़े पेट्रोल निर्यात गंतव्य के रूप में उभरा, शिपमेंट करीब एक मिलियन बैरल पहुंची
India Petrol Exports

नई दिल्ली। भारत के लिए रूस एक बड़े पेट्रोल निर्यात गंतव्य के रूप में उभरा है और बीते दो महीने में देश ने करीब एक मिलियन बैरल की शिपमेंट की है। इसकी वजह रूसी रिफाइनरियों पर यूक्रेन की ओर से लगातार हमले करना है, जिससे रूस को घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पेट्रोल को आयात करना पड़ रहा है। यह जानकारी शिप-ट्रैकिंग फर्म वोर्टेक्सा की रिपोर्ट में दी गई। 

रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में रूस का समुद्री रास्ते से होने वाला पेट्रोल आयात बढ़कर रिकॉर्ड 470,000 टन हो गया। यूक्रेन के ड्रोन हमलों के कारण रूसी इलाके के अंदर रिफाइनरियों के बंद होने से ईंधन की कमी हो गई है, जिसकी वजह से स्थानीय फिलिंग स्टेशनों पर कारों की लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। रूस में घरेलू ईंधन उत्पादन में 70 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। इस भारी कमी से निपटने के लिए रूस को पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर रोक लगा दी है।

वोर्टेक्सा ने बताया कि जुलाई और अगस्त के दौरान रूसी रिफाइनरियों पर 32 हमले हुए।

रूस में ईंधन के घरेलू उत्पादन की कमी को पूरा करने में मदद करने वाले अहम आपूर्तिकर्ताओं में तुर्की और मोरक्को के साथ-साथ भारतीय रिफाइनर भी शामिल थे। ट्रेड से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भारत की ज्यादातर आपूर्ति गुजरात के तट पर स्थित नायरा एनर्जी की वाडिनार रिफाइनरी से आई, जिसमें रूस की बड़ी तेल कंपनी रोजनेफ्ट की हिस्सेदारी है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि ग्लोबल रिफाइनिंग क्षमता को लेकर अनिश्चितता के बावजूद, भारत दुनिया के तीसरे सबसे बड़े रिफाइनर के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और अपनी क्षमता को 272 एमएमटीपीए से बढ़ाकर 300 एमएमटीपीए करने जा रहा है।

इस बीच, ईरान युद्ध शुरू होने और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के बाद भारत ने कच्चे तेल के आयात के लिए अपने स्रोतों का दायरा बढ़ाया है। सामान्य समय में दुनिया का 20 प्रतिशत तेल और गैस निर्यात इसी रास्ते से होता है।

मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट आने से हाल के महीनों में रूस से भारत का कच्चा तेल आयात तेजी से बढ़ा है। जुलाई में, देश के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी आधे से अधिक रही, जिससे वह यूएई और सऊदी अरब को पीछे छोड़कर भारत को कच्चा तेल सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश बन गया।

शिपिंग इंटेलिजेंस और रिसर्च फर्म 'केप्लर' के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में रूस से भारत का कच्चा तेल आयात लगभग 2.1 मिलियन बैरल प्रति दिन रहने का अनुमान है। हालांकि, यह इस साल जून और जुलाई में देखे गए लगभग 2.6 मिलियन बैरल प्रति दिन के रिकॉर्ड स्तर से काफी कम है।

अगस्त में गिरावट के बावजूद, रूस भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बना हुआ है और भारत के कुल आयात में उसकी हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से ज्यादा है। रूस के बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएआई) का नंबर आता है, जो 6,11,000 बैरल प्रति दिन सप्लाई करता है। इसके बाद सऊदी अरब (3,85,000 बैरल प्रति दिन ), वेनेजुएला (3,83,000 बैरल प्रति दिन), नाइजीरिया (1,29,000 बैरल प्रति दिन ) और ब्राजील (1,20,000 बैरल प्रति दिन) का स्थान है।

इनपुट : आईएएनएस

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