पाकिस्तान में ईंधन संकट: अब शादियों में एक डिश, बाजार जल्दी बंद, सरकारी डिनर पर भी रोक
पाकिस्तान एक बार फिर आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के साथ ही देश में ईंधन का संकट गहरा गया है, और सरकार ने कमर कसते हुए सख्त मितव्ययिता के कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। अब हालात ऐसे हैं कि बाजार जल्दी बंद होंगे, शादियों में सिर्फ एक डिश परोसी जा सकेगी, और सरकारी गाड़ियों को मिलने वाला ईंधन भी आधा कर दिया गया है।
दुनिया में बड़ी-बड़ी बातें, घर में खाली खजाना
दिलचस्प बात यह है कि जिस वक्त पाकिस्तान घरेलू मोर्चे पर तंगी झेल रहा है, उसी वक्त कूटनीतिक मंच पर बड़े-बड़े दावे भी कर रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में कहा कि सऊदी अरब के मक्का शहर के पास हुई एक ड्रोन हमले की कोशिश के बाद, इस्लामाबाद मक्का समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाने को पूरी तरह तैयार है। मतलब साफ है अगर जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। हालांकि इससे पहले पाकिस्तान इसी समझौते के तहत सऊदी का साथ देने से मुकर चुका था।
लेकिन यह बड़बोलापन ज्यादा देर टिका नहीं। इस बयान के कुछ ही घंटों बाद सरकार ने अपनी ही जनता के लिए किफायत बरतने के सख्त निर्देश जारी कर दिए।
अब आम जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा?
नई गाइडलाइंस के मुताबिक दुकानों, मॉल्स, किराना और जनरल स्टोर्स को रात 9 बजे तक शटर गिराने होंगे। शादी-ब्याह वाले हॉल और मैरिज गार्डन रात 10 बजे तक बंद हो जाएंगे, जबकि रेस्तरां और कैफे रात 11 बजे तक चल सकेंगे हां, होम डिलीवरी और टेकअवे पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी।
राहत की बात सिर्फ इतनी है कि अस्पताल, फार्मेसी, डेयरी और बेकरी की दुकानें, पेट्रोल-सीएनजी स्टेशन, जिम और आईटी कंपनियों को इस टाइमिंग पाबंदी से बाहर रखा गया है।
सबसे चौंकाने वाला फैसला शादियों को लेकर है अब किसी भी शादी समारोह में सिर्फ एक ही डिश परोसी जा सकेगी।
सरकार का अपना खर्च भी घटा
सिर्फ जनता ही नहीं, सरकार ने खुद पर भी लगाम कसी है:
- सरकारी गाड़ियों के लिए ईंधन सप्लाई अगले तीन महीने तक 50% घटा दी गई है (फौज, पुलिस और जरूरी सेवाओं की गाड़ियों को छूट)
- वित्त वर्ष 2026-27 में गैर-वेतन खर्चों में हर महीने 5% की कटौती होगी
- नई सरकारी गाड़ियों की खरीद पर पूरी तरह रोक
- आईटी उपकरणों को छोड़कर बाकी सभी टिकाऊ सामान की खरीद पर भी रोक
- विदेश यात्राओं पर तीन महीने का बैन, हालांकि स्कॉलरशिप और ट्रेनिंग प्रोग्राम इससे अलग रखे गए हैं
- शहर के भीतर वाली बैठकों को छोड़कर बाकी सरकारी मीटिंग्स अब टेलीकॉन्फ्रेंसिंग से होंगी
- विदेशी मेहमानों के अलावा किसी भी मौके पर सरकारी डिनर नहीं होगा
- सरकारी सेमिनार, ट्रेनिंग और कॉन्फ्रेंस पर भी रोक, जरूरी होने पर सिर्फ सरकारी ऑडिटोरियम या कमेटी रूम में ही आयोजन होंगे
छूट चाहने वालों के लिए एक खास कमेटी बनाई गई है, जो हर मामले पर अलग से विचार कर प्रधानमंत्री को सिफारिश भेजेगी।
यह पहली बार नहीं है
गौर करने वाली बात यह है कि पाकिस्तान के लिए यह कोई नया अनुभव नहीं है। इससे पहले 9 मार्च को अमेरिका-ईरान तनाव के दौरान भी सरकार ऐसे ही मितव्ययिता उपाय लागू कर चुकी है — तब सरकारी गाड़ियों का ईंधन भत्ता आधा किया गया था, सांसदों की सैलरी में कटौती हुई थी, और सार्वजनिक क्षेत्र में आंशिक वर्क-फ्रॉम-होम लागू किया गया था। सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने इस हफ्ते की शुरुआत में ही संकेत दे दिए थे कि सरकार पुराने कदमों को दोबारा लागू करने पर विचार कर रही है।
कुल मिलाकर तस्वीर यही है बाहर बड़ी-बड़ी सैन्य प्रतिबद्धताओं की बात, और अंदर जेब खाली होने की मजबूरी।
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