'पर्यटन को कम न आंकें, अर्थव्यवस्था और GDP में है बड़ा योगदान'; साउथ अफ्रीका टूरिज्म हेड थेंबिसा जिमाना ने की भारतीय आतिथ्य की जमकर तारीफ

नई दिल्ली में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान 'ब्रिक्स टूरिज्म' की कार्यकारी निदेशक और ब्रिक्स वुमेन्स बिजनेस अलायंस साउथ अफ्रीका की प्रमुख थेंबिसा जिमाना (Thembisa Jimana) ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में पर्यटन उद्योग की भूमिका पर बड़ा बयान दिया है। जानिए ब्रिक्स सम्मेलन में पर्यटन, आतिथ्य और महिला उद्यमिता पर आधारित पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

Sep 12, 2026 - 11:26
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'पर्यटन को कम न आंकें, अर्थव्यवस्था और GDP में है बड़ा योगदान'; साउथ अफ्रीका टूरिज्म हेड थेंबिसा जिमाना ने की भारतीय आतिथ्य की जमकर तारीफ
'पर्यटन को कम न आंकें, अर्थव्यवस्था और GDP में है बड़ा योगदान'; साउथ अफ्रीका टूरिज्म हेड थेंबिसा जिमाना ने की भारतीय आतिथ्य की जमकर तारीफ

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में विदेशी मेहमान भारत के आतिथ्य से काफी खुश नजर आ रहे हैं।  

ब्रिक्स वुमेन्स बिजनेस अलायंस, साउथ अफ्रीका की कार्यकारी सदस्य और टूरिज्म हेड थेंबिसा जिमाना ने ब्रिक्स से मिलने वाले अवसरों पर आईएएनएस से कहा, "पर्यटन को कम नहीं आंका जाना चाहिए, क्योंकि पर्यटन पूरी अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। सभी उद्योग पर्यटन पर निर्भर हैं। आपके यहां आने के लिए आपको होटल बुक करना होगा, आपको तैयार होना होगा, यह पर्यटन है। यदि आप बीमार पड़ते हैं, तो वह मेडिकल टूरिज्म है। इसलिए पर्यटन जीडीपी में बहुत योगदान देता है। इसलिए इस तरह के मंचों में भी इसकी बड़ी भूमिका है।"

महिला सशक्तीकरण पर उन्होंने कहा, "हम मैडम लेबो के नेतृत्व में हैं, जो बहुत ऊर्जावान हैं, जो हमेशा महिला समावेश के लिए लड़ती हैं। इसलिए हम भी उनसे प्रेरणा लेते हैं। इसलिए इस शिखर सम्मेलन में आना उन लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करना भी है जो साउथ अफ्रीका में पीछे रह गए थे, यह सुनिश्चित करने के लिए कि वैश्विक स्तर पर लिए जाने वाले सभी निर्णयों में महिलाओं को शामिल किया जाए। और ब्रिक्स, एक मंच के रूप में, इसकी अनुमति देता है, महिलाओं को भी आवाज मिले। और न केवल दस्तावेजों, कागजों के लिए आवाज, बल्कि ठोस परिणाम भी हों। जैसे हाल ही में, हमने एक स्टार्टअप प्रोग्राम की मेजबानी की, जिसे ब्रिक्स वुमेन्स बिजनेस अलायंस ने शुरू किया था, जहां वे सबसे अच्छा करने वाले उद्यमियों को सशक्त बनाते हैं और उन्हें पुरस्कार देते हैं।"

बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में 'मैडम लेबो' के नाम से प्रसिद्ध व्यक्तित्व मुख्य रूप से लेबोगांग (लेबो) रामाफोको को माना जाता है, जो देश की एक बेहद लोकप्रिय नारीवादी कार्यकर्ता और सामाजिक न्याय की पैरोकार हैं

'टीवी ब्रिक्स अफ्रीका' के शेड्रैक हॉलो ने अपने अनुभव को साझा करते हुए आईएएनएस से कहा, "नमस्ते। मेरा प्रवास बहुत शानदार रहा। मैं साउथ अफ्रीका से हूं। मैं 8 सितंबर को यहां पहुंचा और अनुभव बहुत अच्छा रहा। खाना अद्भुत है, यह स्वादिष्ट है, रंग-बिरंगा है। मैंने हर निवाले का लुत्फ उठाया, खासकर आपका तंदूरी चिकन। "

उन्होंने ब्रिक्स समिट बिजनेस फोरम और द्विपक्षीय बातचीत के फायदों पर बात करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि इस बार ब्रिक्स बहुत अच्छा रहा है। खासकर बिजनेस फोरम में जिसमें मैं शामिल हुआ, वह वास्तव में अवसरों को खोलने के बारे में था। मुझे लगता है कि मंत्री जो पूरे साल मिलते रहे हैं, वे समझते हैं कि हमें ब्रिक्स देशों को सुरक्षित करना है और करना ही चाहिए, खासकर जब कृषि की बात आती है। खाद्य सुरक्षा ब्रिक्स देशों के लिए बहुत, बहुत महत्वपूर्ण उद्देश्य है। और मुझे लगता है कि हम आगे बढ़ रहे हैं। ब्रिक्स के उद्यमियों के बीच जो बातचीत हुई, वह वास्तव में इस बात को समझने में दृढ़ थी कि हमें मैन्युफैक्चरिंग में कौशल साझा करने और एक-दूसरे से ज्यादा खरीदने की जरूरत है।"

उन्होंने बताया कि साउथ अफ्रीका के राजदूत ने भी कहा है कि चीजें बदल गई हैं। शेड्रैक हॉलो ने कहा कि साउथ अफ्रीका और भारत के बीच गहरा रिश्ता है।

इनपुट : आईएएनएस

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