रक्षा मंत्री ने आतंकवाद और समुद्री सुरक्षा पर भारत का मजबूती से पक्ष रखा
नई दिल्ली, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फिलीपींस के सेबू में आयोजित 'आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा पर भारत का मजबूती से पक्ष रखा।
'ऑपरेशन सिंदूर' और आतंकवाद पर कड़ा रुख:
राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख का जिक्र करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' का हवाला दिया।उन्होंने बताया कि पिछले साल इस ऑपरेशन के तहत बड़ी संख्या में आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया था। ।भारत का आतंकवाद-विरोधी अनुभव केवलता किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दशकों से सीमा पार सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने का 'युद्ध-परीक्षित' अनुभव है।
साझेदारों के साथ अनुभव साझा करने की तैयारी:
भारत अपने एडीएमएम-प्लस साझेदारों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास, क्षमता-निर्माण और खुफिया जानकारी साझा करने के जरिए आतंकवाद के खिलाफ अपनी सामूहिक ताकत को मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।खुला और समावेशी हिंद-प्रशांतभारत ने एक ऐसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की परिकल्पना पर जोर दिया जो खुला, समावेशी और नियमों पर आधारित हो।आसियान के साथ भारत का रणनीतिक जुड़ाव आपसी सम्मान, साझा हितों और व्यावहारिक सहयोग पर टिका है।
समुद्री सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता:
भारत अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और 'संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून कन्वेंशन' का दृढ़ता से समर्थन करता है।साल 2008 से ही भारतीय नौसेना अदन की खाड़ी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहकर हजारों व्यापारी जहाजों को सुरक्षा प्रदान कर रही है और अपहरण की कई कोशिशों को नाकाम कर चुकी है।क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करने के लिए भारत ने एक मजबूत रक्षा 'यूथ ब्रिज' स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)