मिजोरम और मणिपुर में ईडी का बड़ा एक्शन, 6 तस्कर अरेस्ट और 1424 बैंक अकाउंट पर रोक
एजेंसी, इंफाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मिजोरम और मणिपुर में सक्रिय क्रॉस-बॉर्डर नार्को-हवाला नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने समन्वित कार्रवाई के तहत 1,424 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है और 26.01 करोड़ रुपये की कुल संपत्तियां अटैच/जब्त की हैं। यह कार्रवाई म्यांमार से भारत में हेरोइन, ब्राउन शुगर और मेथामफेटामाइन की तस्करी और ड्रग्स मनी के हवाला लेनदेन से जुड़े मामलों में की गई है।
चार जिलों में एक साथ छापेमारी, नारकोटिक्स ब्यूरो और पुलिस का संयुक्त एक्शन
जांच एजेंसी द्वारा की गई कार्रवाई और जब्ती के प्रमुख बिंदु:
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कई ठिकानों पर तलाशी: ईडी के आइजोल और इंफाल सब-जोनल कार्यालयों ने 23 अक्टूबर को पीएमएलए (PMLA) की धारा 17 के तहत मिजोरम के आइजोल, चंफाई, लॉन्गतलाई और मणिपुर के चुराचांदपुर में एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
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6 आरोपी गिरफ्तार: तलाशी के दौरान तीन आरोपियों को मिजोरम और तीन को मणिपुर से गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, अन्य नारकोटिक्स मामलों में पहले से जेल में बंद 4 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मिजोरम की विशेष अदालत में याचिका लगाई गई है।
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भारी वित्तीय कार्रवाई: ईडी ने नेटवर्क से जुड़े 1,424 बैंक खातों पर रोक लगाई है। हालिया कार्रवाई में मिजोरम के ऑपरेटरों की 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति को प्रोविजनली अटैच किया गया, जिससे पहले जब्त 8.19 करोड़ रुपये मिलाकर कुल फ्रीज/अटैच संपत्ति 26 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
म्यांमार-भारत नार्को कॉरिडोर और हवाला इकोसिस्टम का पर्दाफाश
ईडी की यह जांच पूर्व में दर्ज तीन बड़े एनडीपीएस मामलों पर आधारित है:
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पुराने मामले बने आधार: जांच में मार्च 2025 में जोखावथर से पकड़ी गई 4.722 किग्रा हेरोइन, अगस्त 2025 में सेलिंग के पास जब्त 49.1 किग्रा मेथामफेटामाइन टैबलेट और जुलाई 2026 में चुराचांदपुर से बरामद 2.413 किग्रा ब्राउन शुगर व 31.43 लाख रुपये कैश का मामला शामिल है।
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हवाला से म्यांमार होता था सेटलमेंट: जांच में सामने आया कि चम्फाई, आइजोल और लॉन्गतलाई के बैंक खातों का उपयोग कर मणिपुर, मिजोरम, असम और त्रिपुरा में बेची गई ड्रग्स की रकम एकत्र की जाती थी और फिर हवाला के जरिए म्यांमार के सप्लायरों को भेजी जाती थी।
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बॉर्डर की संवेदनशीलता: म्यांमार से लगने वाली 1,643 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का फायदा उठाकर 'गोल्डन ट्रायंगल' से ड्रग्स लाकर पूरे भारत और बांग्लादेश में पहुंचाई जा रही थी।
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