कांग्रेस और भाजपा के बीच लोकतंत्र बचाने के नाम पर वाक् युद्ध शुरू
संजय श्रीवास्तव
मेरठ। कांग्रेस और भाजपा के बीच लोकतंत्र बचाने के नाम पर वाक् युद्ध शुरू हो गया है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज बुलंद की तो भाजपा विपक्ष पर अराजकता की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस की अगुवाई में दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन ने दिखाई ताकत तो भाजपा ने सड़कों पर उतरकर दिया करारा जवाब।
सात राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने दिल्ली के रामलीला मैदान से भाजपा के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। कांग्रेस ने महारैली के माध्यम से देश का सियासी पारा चढ़ा दिया है।
इंडिया गठबंधन दलों के नेता देश-भर में यह मैसेज देने में सफल रहे कि केंद्र में मोदी और अमित शाह की सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाकर लोकतंत्र की हत्या करने पर तुली हुई है।
कांग्रेस की मुहिम से चुनाव आयोग के साथ ही भाजपा की छवि दागदार होती जा रही है। आमजन के बीच यह धारणा तेजी से बनती जा रही है कि भाजपा चुनाव आयोग का इस्तेमाल अपने हितों के लिए कर रही है।
संदेह करने की वजह भी है कि सुप्रीम कोर्ट की बातों को दरकिनार कर मोदी सरकार ने कानून बनाकर चुनाव आयोग की नियुक्ति में अपना पलड़ा भारी कर लिया।
महारैली में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र की मोदी सरकार रही।
वहीं, कांग्रेस की रैली से तनाव में आई भाजपा ने देंश के कई प्रदेशों से कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाजपा ने लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ का नारा दिया।यह देखने में पहली बार आया कि सत्तारूढ़ दल ही सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रही है।
दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मुंबई में देवेंद्र फडणवीस और असम में हेमंत विस्वा ने पैदल मार्च कर कांग्रेस की रैली को फ्लाप करने की कोशिश की पर सफल नहीं हुए।
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