यूपी चुनाव 2027: तैयारी में कांग्रेस, सीट बंटवारे पर चर्चा नहीं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपनी सांगठनिक और चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने स्पष्ट किया है कि पार्टी ने चुनाव की प्राथमिक तैयारियां शुरू कर दी हैं, लेकिन फिलहाल गठबंधन में सीटों की संख्या या बंटवारे को लेकर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है। सीटों के बंटवारे पर अंतिम फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
संगठन की मजबूती और सभी सीटों की समीक्षा पर जोर
- आईएएनएस (IANS) से बातचीत में आराधना मिश्रा ने बताया कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुका है:
- रणनीति शुरुआती चरण में: उन्होंने कहा कि सीटों की संख्या को लेकर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है। सभी वरिष्ठ नेताओं को अपने-अपने स्तर पर संगठन को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।
- प्रत्येक सीट का आकलन: कांग्रेस इस समय अपनी जमीनी ताकत का आकलन करने और प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा सीट की विस्तृत समीक्षा करने पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है। जैसे-जैसे चुनावी चर्चाएं आगे बढ़ेंगी, गठबंधन की तस्वीर भी साफ होती जाएगी।
संभावित गठबंधन और फैसलों में प्रियंका गांधी की केंद्रीय भूमिका
- उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की चुनावी रणनीति और गठबंधन में प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका को लेकर आराधना मिश्रा ने कहा:
- लंबा संगठनात्मक अनुभव: प्रियंका गांधी प्रदेश कांग्रेस का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और लंबे समय तक राज्य में काम करने के कारण उन्हें यूपी की राजनीति और संगठनात्मक बारीकियों का गहरा अनुभव है।
- निर्णायक भागीदारी: गठबंधन या किसी भी राजनीतिक बातचीत से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर प्रियंका गांधी हमेशा मुख्य भूमिका में रहती हैं। यूपी से जुड़े किसी भी बड़े फैसले या गठबंधन वार्ता के दौरान उनसे अनिवार्य रूप से सलाह ली जाती है और वह इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनी रहेंगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतंत्र पर जताई चिंता
- राष्ट्रीय एकजुटता: आराधना मिश्रा ने देश के दुश्मनों और आंतरिक-बाहरी चुनौतियों के खिलाफ एकजुट खड़े होने को प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक व राष्ट्रीय कर्तव्य बताया।
- लोकतंत्र और मतदाता सूची पर सवाल: उन्होंने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि आज लोकतंत्र गंभीर खतरे में है। इसके साथ ही उन्होंने मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR/SSR) के नाम पर सामने आ रही कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों को बेहद चिंताजनक बताते हुए पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया की मांग की।
एजेंसी What's Your Reaction?
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