पंजाब को मिली एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी: 27 अक्टूबर से जालंधर और मोहाली में मुकाबला, दर्शकों के लिए एंट्री फ्री
एजेंसी, चंडीगढ़। पंजाब के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्य में पहली बार प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट 'एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी' का आयोजन होने जा रहा है। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के नेता और मोहाली के मेयर सरबजीत सिंह ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि और गर्व का क्षण बताया। उन्होंने इस बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी हासिल करने का श्रेय मुख्यमंत्री भगवंत मान के व्यक्तिगत प्रयासों और खेल प्रोत्साहन नीतियों को दिया।
27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक मुकाबला, एशिया की 6 दिग्गज टीमें होंगी आमने-सामने
टूर्नामेंट में एशिया की छह शीर्ष टीमें—भारत, बांग्लादेश, जापान, चीन, मलेशिया और दक्षिण कोरिया—खिताब के लिए आपस में भिड़ेंगी।
लीग मुकाबले: 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जालंधर में खेले जाएंगे।
नॉकआउट मुकाबले: सेमीफाइनल, तीसरे स्थान के लिए मुकाबला और फाइनल मैच 4 व 5 नवंबर को मोहाली में आयोजित किए जाएंगे।
मुफ्त प्रवेश: खेल प्रेमियों और युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए पूरे टूर्नामेंट के दौरान स्टेडियमों में दर्शकों का प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क रहेगा।
स्टेडियमों के अपग्रेडेशन पर ₹25 करोड़ का बजट
मेयर सरबजीत सिंह ने जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने लगभग ₹25 करोड़ का बजट तय किया है:
जालंधर: स्टेडियमों के नवीनीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए ₹16 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।
मोहाली: सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए लगभग ₹8.90 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
इस निवेश से राज्य के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिलेगी और खिलाड़ियों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्राप्त होंगी।
'खेल क्रांति': ₹135 करोड़ के नकद पुरस्कार और 32 नए स्टेडियम
राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई 'खेल क्रांति' पहल का ब्योरा देते हुए मेयर ने बताया:
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में अब तक करीब 40,000 खिलाड़ियों को ₹135 करोड़ के नकद पुरस्कार वितरित किए जा चुके हैं।
जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने के लिए पूरे पंजाब में नए स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें से अकेले मोहाली में 32 स्टेडियम निर्माणाधीन हैं।
युवाओं और अभिभावकों से खेलों से जुड़ने की अपील
सरबजीत सिंह ने कहा कि मजबूत खेल संस्कृति का निर्माण सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करें, ताकि राज्य के युवा स्वस्थ, अनुशासित और नशे से दूर रहकर एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ सकें।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)