एशियन पैरा गेम्स में भारत का डंका: प्रवीण ने रिकॉर्डतोड़ छलांग से जीता गोल्ड, बंटी ने सिल्वर पर जमाया कब्जा
नागोया: जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के जांबाज खिलाड़ियों ने इतिहास रच दिया है। पुरुषों की हाई जंप (टी64 स्पर्धा) में भारतीय एथलीटों ने विरोधी खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए पहला और दूसरा, दोनों स्थान अपने नाम किए। प्रवीण कुमार ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता, जबकि साथी खिलाड़ी बंटी ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। इस शानदार 'डबल पोडियम' जीत पर खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने दोनों एथलीटों को बधाई दी है।
प्रवीण कुमार का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन: 2.05 मीटर की ऐतिहासिक छलांग
- दो बार के पैरालंपिक मेडलिस्ट प्रवीण कुमार ने खेल के मैदान में उतरते ही अपने इरादे साफ कर दिए थे। उन्होंने 1.92 मीटर से शुरुआत की और फिर 2 मीटर की कूद लगाकर जकार्ता 2018 का 1.95 मीटर का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया।
- इसके बाद अपनी आखिरी कोशिश में प्रवीण ने 2.05 मीटर की रिकॉर्ड ऊंचाई पार कर न केवल नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया, बल्कि अपना गोल्ड मेडल भी शान से बरकरार रखा।
बंटी का यादगार खेल: पर्सनल बेस्ट के साथ जीता सिल्वर
फाइनल मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी बंटी का प्रदर्शन भी बेहद लाजवाब रहा। उन्होंने 1.92 मीटर की छलांग लगाकर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड (पर्सनल बेस्ट) दर्ज किया और देश के लिए सिल्वर मेडल पक्का किया। वहीं, उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाजोव 1.86 मीटर की कूद के साथ तीसरे पायदान पर रहे और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने दी बधाई
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर दोनों एथलीटों की जमकर तारीफ की। उन्होंने लिखा कि प्रवीण कुमार ने 2.05 मीटर के शानदार गेम्स रिकॉर्ड के साथ अपना गोल्ड बचाया है और बंटी ने 1.92 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ सिल्वर मेडल जीता है। यह 'डबल पोडियम' फिनिश पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।
क्या है टी64 और टी44 कैटेगरी?
पैरा एथलेटिक्स में खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता के आधार पर श्रेणियां बांटी जाती हैं। टी64 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए तय की गई है जो निचले हिस्से में कृत्रिम अंग (प्रोस्थेसिस) का इस्तेमाल करते हैं या जिनके पैरों की लंबाई में अंतर होता है। वहीं, टी44 श्रेणी में वे एथलीट आते हैं जो बिना प्रोस्थेसिस के प्रतिस्पर्धा करते हैं, लेकिन मांसपेशियों की कमजोरी या गतिशीलता की कमी से जूझ रहे होते हैं।
प्रवीण कुमार का सफर: पोडियम पर लगातार बरकरार है भारत का गौरव
प्रवीण कुमार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार देश का नाम रोशन कर रहे हैं:
- टोक्यो 2020 पैरालंपिक: 2.07 मीटर की छलांग लगाकर जीता सिल्वर मेडल (तत्कालीन एशियन रिकॉर्ड)।
- हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स: शानदार प्रदर्शन के साथ अपने नाम किया गोल्ड।
- पेरिस 2024 पैरालंपिक: 2.08 मीटर की जंप के साथ जीता स्वर्णिम मेडल।
- विश्व चैंपियनशिप 2025 (नई दिल्ली): 2.00 मीटर की छलांग के साथ भारत की झोली में डाला ब्रॉन्ज मेडल।
सोशल मीडिया टिकर / वन-लाइनर्स
- हाई जंप में भारत का डबल धमाका: प्रवीण कुमार ने 2.05 मीटर के नए रिकॉर्ड से जीता गोल्ड, बंटी ने सिल्वर किया अपने नाम।
- रिकॉर्डतोड़ छलांग: एशियन पैरा गेम्स 2026 में पहले और दूसरे स्थान पर लहराया तिरंगा, खेल मंत्री ने दी बधाई।
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