ग्लोबल स्कैमर्स पर बड़ा एक्शन: FBI ने रिकवर किए $17 बिलियन
एजेंसी, वाशिंगटन। अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन धोखाधड़ी नेटवर्क और अवैध कॉल सेंटरों के खिलाफ अमेरिकी जांच एजेंसियों ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी (FBI) के निदेशक काश पटेल ने व्हाइट हाउस में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में खुलासा किया कि 'ऑपरेशन ब्लैकआउट' के तहत एफबीआई, न्याय विभाग (DOJ) और विभिन्न जांच एजेंसियों ने विदेशी ठगी नेटवर्क से 17 अरब डॉलर (लगभग ₹1.4 लाख करोड़) से अधिक की राशि जब्त और रिकवर की है।
ट्रंप प्रशासन की बड़ी पहल: स्कैम हब पर बहुपक्षीय कार्रवाई
साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में व्हाइट हाउस में हुई बैठक के दौरान इस मेगा अभियान की जानकारी साझा की गई:
बड़े साम्राज्य की तरह फैले हैं स्कैम सेंटर: एफबीआई निदेशक काश पटेल ने बताया कि ये ठगी के अड्डे कोई छोटे-मोटे कॉल सेंटर नहीं, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के देशों में शहरों की तरह बसे विशाल सिंडिकेट हैं। इनमें मानव तस्करी के शिकार लोगों को बंधक बनाकर संगठित रूप से साइबर अपराध कराए जाते हैं।
20 से अधिक कंपाउंड तबाह: अमेरिकी एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन साझेदारों के साथ मिलकर अब तक ऐसे 20 से अधिक बड़े स्कैम कंपाउंड्स को ध्वस्त किया है।
अफ्रीका से दुबई तक ताबड़तोड़ छापेमारी
घाना और नाइजीरिया में कार्रवाई: पटेल ने बताया कि जब ठगी नेटवर्क अफ्रीका में शिफ्ट हुआ, तब भी एजेंसियों ने पीछा नहीं छोड़ा। हाल ही में घाना और नाइजीरिया में साझा ऑपरेशनों के तहत 300 लोगों को गिरफ्तार किया गया और अमेरिकी बुजुर्गों से ठगी गई करीब 1.5 करोड़ डॉलर की रकम बरामद की गई।
दुबई पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन: अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने बताया कि अप्रैल में एफबीआई और दुबई पुलिस के संयुक्त अभियान में 9 बड़े स्कैम सेंटर बंद कराए गए और 276 लोगों को दबोचा गया, जिनमें नेटवर्क के शीर्ष प्रबंधक और भर्तीकर्ता शामिल थे।
10 हजार नागरिकों को चेतावनी, $1.6 अरब का नुकसान रोका
बैठक की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस वर्ष हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों का ब्योरा दिया:
वित्तीय नुकसान पर रोक: संघीय एजेंसियों ने समय रहते 10,000 से अधिक अमेरिकी नागरिकों को संभावित धोखाधड़ी के प्रति अलर्ट कर करीब 1.6 अरब डॉलर का नुकसान होने से बचाया।
क्रिप्टो और वेबसाइट्स पर शिकंजा: विदेशी ठगों से जुड़ी 1 अरब डॉलर की डिजिटल संपत्तियों (क्रिप्टोकरेंसी) को फ्रीज किया गया, 500 से ज्यादा फर्जी वेबसाइटों को ब्लॉक किया गया और टेक कंपनियों की मदद से लाखों आपराधिक ऑनलाइन अकाउंट्स निष्क्रिय किए गए।
शिनबी मार्केटप्लेस जब्त: पिछले माह न्याय विभाग ने साइबर अपराध में लिप्त 'शिनबी क्रिमिनल मार्केटप्लेस' को जब्त किया और उससे जुड़ी 5.2 करोड़ डॉलर की संपत्तियां सीज कीं।
स्कैमर्स के वीजा होंगे रद्द, बना विशेष 'स्कैम सेंटर सेल'
अमेरिकी सरकार ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक व्यापक और आक्रामक नीति लागू की है:
वीजा पर रोक: अमेरिकी विदेश विभाग अब स्कैम सिंडिकेट में शामिल या संदिग्ध पाए जाने वाले विदेशी व्यक्तियों के अमेरिकी वीजा सीधे रद्द कर रहा है।
नया स्कैम सेंटर सेल: अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश के मुताबिक, होमलैंड सिक्योरिटी टास्क फोर्स के साथ मिलकर 'स्कैम सेंटर सेल' गठित किया गया है, ताकि पूरे आपराधिक तंत्र को जड़ से खत्म किया जा सके। इसके तहत अमेरिका के सभी 94 अटॉर्नी कार्यालयों में विशेष साइबर अभियोजक (प्रोसीक्यूटर्स) तैनात किए गए हैं।
टेक दिग्गजों का सहयोग: मेटा, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों के साथ मिलकर संदिग्ध डोमेन और फिशिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से गिराया जा रहा है।
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