प्रधानमंत्री दक्षता योजना से बदला वंचितों का जीवन
एजेंसी, नई दिल्ली। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही' योजना के तहत वित्त वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, विमुक्त जनजातियों और कचरा बीनने वाले सफाई कर्मचारियों सहित एक लाख सतासी हजार से अधिक युवाओं को नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रशिक्षित युवाओं में से छियानवे हजार से अधिक उम्मीदवारों को विभिन्न कंपनियों और संस्थानों में रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए हैं।
करियर और आत्मविश्वास में आया बड़ा बदलाव
मंत्रालय द्वारा कराए गए मूल्यांकन अध्ययन से यह बात सामने आई है कि यह योजना जमीनी स्तर पर बेहद प्रभावी साबित हुई है:
स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण: नब्बे प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने माना कि यह प्रशिक्षण उनके करियर के लक्ष्यों और स्थानीय श्रम बाजार की वास्तविक मांगों के पूरी तरह अनुकूल था।
सामाजिक प्रतिष्ठा और स्वाभिमान: केवल आर्थिक सुधार ही नहीं, बल्कि योजना से वंचित वर्गों और महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और सामाजिक पहचान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकांश लाभार्थी अपने अर्जित कौशल से आत्मनिर्भर बनकर आजीविका कमा रहे हैं।
बजट आवंटन और खर्च का विवरण
आवंटन से अधिक खर्च: वित्त वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान इस कार्यक्रम के लिए कुल 276.47 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जबकि युवाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए 309.5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई।
कार्यान्वयन और रोजगार की अनिवार्यता
इस योजना को सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत आने वाले तीन प्रमुख राष्ट्रीय निगमों—अनुसूचित जाति निगम, पिछड़ा वर्ग निगम और सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से लागू किया गया:
रोजगार की सख्त शर्त: प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों के लिए यह नियम अनिवार्य बनाया गया कि वे कम से कम 70 प्रतिशत प्रशिक्षित उम्मीदवारों को रोजगार दिलाएंगे। ऐसा न करने पर अंतिम भुगतान की 30 प्रतिशत राशि जब्त करने का कड़ा प्रावधान रखा गया।
ऋण और स्वरोजगार सहायता: केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि स्वयं का काम शुरू करने के इच्छुक पात्र युवाओं को अपना उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय ऋण और जरूरी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया गया।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में विलय
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कार्यप्रणाली को अधिक सरल बनाने और संसाधनों के दोहराव को रोकने के लिए वित्त वर्ष 2024-25 से इस कार्यक्रम को मुख्य कौशल विकास योजना के साथ एकीकृत कर दिया गया है। इससे सभी श्रेणियों के युवाओं को एक ही डिजिटल मंच के माध्यम से प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर मिलना जारी रहेगा।
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