मेरठ में दिल दहला देने वाली घटना! गर्भवती पत्नी और दो बेटियों की हालत बिगड़ी, युवक वेंटिलेटर पर...
जहरीला पदार्थ पीने से परिवार के चार सदस्य अस्पताल में भर्ती। गर्भवती पत्नी और दो बेटियों की हालत खतरे से बाहर, दुकान टूटने के बाद आर्थिक तंगी का पड़ोसियों ने किया दावा; पुलिस घरेलू विवाद समेत अन्य पहलुओं की जांच में जुटी...See more
नॉकआउट न्यूज मेरठ। सेंट्रल मार्केट में गुरुवार देर रात एक युवक और उसके परिवार के तीन अन्य सदस्यों की तबीयत जहरीला पदार्थ पीने के बाद बिगड़ गई। पुलिस के अनुसार, युवक ने कथित तौर पर खुद जहरीला पदार्थ पीने के बाद अपनी आठ माह की गर्भवती पत्नी और दो बेटियों को भी इसे पिला दिया। चारों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पत्नी और दोनों बच्चियों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। जबकि, युवक वेंटिलेटर पर है। पड़ोसियों ने परिवार की आर्थिक तंगी को घटना से जोड़कर देखा है, वहीं पुलिस की शुरुआती जांच में घरेलू विवाद की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई हैं।
चाय की दुकान टूटने के बाद ठेला चलाकर कर रहा था गुजारा
सेंट्रल मार्केट में 35 वर्षीय करुणेश लंबे समय से चाय की दुकान चलाता था। आरोप है कि आवास एवं विकास परिषद की ध्वस्तीकरण कार्रवाई में उसकी दुकान भी टूट गई। इसके बाद परिवार की आमदनी बंद हो गई और घर चलाने का संकट खड़ा हो गया। करुणेश ने ठेला चलाकर परिवार का खर्च उठाने की कोशिश की, लेकिन आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हुआ। पड़ोस में रहने वाली महिला के मुताबिक, परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर था। दुकान टूटने के बाद मुश्किलें और बढ़ गई थीं।
बताया गया कि गुरुवार रात करीब डेढ़ बजे करुणेश ने चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर पी लिया। इसके बाद पत्नी काजल और दोनों बेटियों को कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर पिला दिया। कुछ देर बाद तीनों की हालत बिगड़ने लगी और उन्हें उल्टियां होने लगीं।
काजल के शोर मचाने पर आसपास के लोगों को घटना का पता चला। पड़ोस में रहने वाली महिला ने अभिनव नाम के युवक को सूचना दी। अभिनव तुरंत अपनी गाड़ी से चारों को अस्पताल लेकर पहुंचा।
तीन अस्पतालों में ले जाने के बाद युवक रेफर
अभिनव सबसे पहले चारों को लोकप्रिय अस्पताल ले गया। वहां से पारस अस्पताल और फिर आनंद अस्पताल पहुंचाया गया। करुणेश की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर पर रखा। बाद में उसे जगदंबा अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। काजल और दोनों बच्चियों को भी उपचार दिया गया। उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अस्पताल का बिल चुकाना मुश्किल हो गया। ऐसे में स्थानीय लोगों ने चंदा जुटाकर मदद की। कुछ अस्पतालों की ओर से बिल में छूट मिलने के बाद करुणेश को जगदंबा अस्पताल में शिफ्ट किया गया। जगदंबा अस्पताल के संचालक रविंद्र गुर्जर ने करुणेश का नि:शुल्क इलाज करने का भरोसा दिया है। क्षेत्र के लोग भी परिवार की मदद के लिए आगे आए हैं।
दुकान टूटने को पड़ोसी महिला ने बताया वजह, पुलिस ने घरेलू विवाद की बात कही
घटना के बाद पड़ोस में रहने वाली महिला ने आवास एवं विकास परिषद की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि दुकान टूटने के बाद परिवार की रोजी-रोटी का संकट बढ़ गया था। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
नौचंदी पुलिस की शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच विवाद की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई
SP सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि शुरुआती जानकारी में घरेलू कलह के चलते जहरीला पदार्थ पीने की बात सामने आई है। फिलहाल परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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