पीलीभीत में 16 हजार से ज्यादा वोटों में हेरफेर का आरोप, दो एसडीएम पर एफआईआर

Oct 23, 2026 - 13:12
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पीलीभीत में 16 हजार से ज्यादा वोटों में हेरफेर का आरोप, दो एसडीएम पर एफआईआर

पीलीभीत। विपक्ष के वोट चोरी और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों को तब बड़ा बल मिला जब पीलीभीत में 16 हजार वोटों में हेरफेर के आरोप में दो एसडीएम पर एफआईआर की कार्यवाही हो गयी। 

फार्म आठ का दुरुपयोग कर शहर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में भिकारीपुर गांव की साजदा बी का नाम बदलकर उजैरा हुसैन कर दिया, जबकि जैबुननिशा का नाम सूची में हटा ही दिया गया। ऐसा सैकड़ों मतदाताओं के साथ हुआ। 

आरंभिक जांच में इस गड़बड़ी की पुष्टि होने पर गुरुवार को अमरिया के तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), एसडीएम हेमंत चौधरी, पूर्व में तैनात रहे एसडीएम मयंक गोस्वामी व कंप्यूटर आपरेटर अनिल कुमार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी गई। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि जिन मतदाताओं के विवरण में फेरबदल हुआ है, उसे जल्द ही सही करा दिया जाएगा।

10 अप्रैल को मतदाता सूची का एसआइआर समाप्त हुआ था। इसके बाद निरंतर एसआइआर अभियान जारी रहा, जिसके अंतर्गत फार्म आठ भरकर मतदाता अपने विवरण में परिवर्तन करा सकते हैं। यह फार्म ईआरओ के पास पहुंचता है। वह जांच के बाद मतदाता के विवरण में संशोधन कराते हैं, जो आनलाइन दिखता है। इस प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा हुआ। कांग्रेस का आरोप है कि शहर विधानसभा क्षेत्र में 16,504 मतों में फर्जीवाड़ा कर फेरबदल कर दिया गया।

वोटर लिस्ट में किसी मतदाता का नाम-पता तो किसी के पिता का नाम बदल दिया गया। कई वोट काट दिए गए। सपा ने भी निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी। बुधवार को निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने अमरिया के ईआरओ हेमंत चौधरी, पूर्व में तैनात रहे मयंक गोस्वामी, कंप्यूटर आपरेटर अनिल कुमार को पदों से हटाकर जिला मुख्यालय संबद्ध कर दिया था।

इसके बाद प्रकरण की पर्तें उधड़नी शुरू हुईं। शहर विधानसभा क्षेत्र अमरिया तहसील के अंतर्गत आता है। नौ जुलाई तक एसडीएम मयंक गोस्वामी इस क्षेत्र के ईआरओ थे। उस समय मतदाता सूची में गड़बड़ियों की शिकायतें आईं।

शिकायकर्ताओं का कहना था कि वे मतदाता पहचान पत्र (एपिक) नंबर आनलाइन सर्च कर रहे तो उसमें गलत विवरण दिख रहा। कई शिकायतें आने पर 10 जुलाई को मयंक गोस्वामी को पूरनपुर तहसील में ट्रांसफर कर दिया गया, जबकि अमरिया में हेमंत चौधरी की नियुक्ति हुई।

उनकी तैनाती के दौरान भी शिकायतें आती रहीं, जो राजनीतिक दलों के जरिये लखनऊ तक पहुंच गईं। शुक्रवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि फार्म आठ के आधार पर कई मतदाताओं की जानकारियों में फेरबदल की पुष्टि हुई। इसके जिम्मेदार दो अफसरों समेत तीन के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। उनसे सवाल हुआ कि शिकायतें तो पहले से आ रहीं, उस समय कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इस पर उन्होंने कहा कि एक सप्ताह पहले से शिकायतें आईं, जिनकी जांच कराई जा रही थी। जांच पूरी होने पर कार्रवाई कर दी गई। अब नये सिरे से सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच करा रहे, ताकि फार्म आठ का दुरुपयोग न हो सके।

कांग्रेस ने सभी 419 बूथों पर गंभीर गड़बड़ी के लगाए आरोप

कांग्रेस के निवर्तमान महासचिव कुमुद गंगवार ने पत्रकार वार्ता कर आरोप लगाया कि शहर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में 16,504 प्रविष्टियों में गड़बड़ी हुई। यह सभी 419 बूथों पर की गई। इनमें 13,150 मतदाताओं या उनके पिता के नाम बदल दिए गए, जबकि एपिक नंबर में परिवर्तन नहीं है। 804 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, 2,600 नए नाम गलत तरीके से जोड़े गए। यह सब तत्कालीन जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह और शहर सीट से विधायक एवं गन्ना राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के इशारे पर हुआ।

सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार ने मंत्री पर लगाए आरोप

समाजवादी पार्टी  के जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार ने आरोप लगाया कि शहर विधायक एवं मंत्री संजय सिंह गंगवार के निर्देश पर ईआरओ ने फर्जीवाड़ा किया। एसडीएम मयंक गोस्वामी इसमें शामिल थे। सूची में फर्जीवाड़ा मंत्री संजय सिंह गंगवार के संजय रायल पार्क से कराया गया। मुस्लिमों के वोटों में गड़बड़ियां की गईं।

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