शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन हाहाकार: सेंसेक्स 460 अंक लुढ़का, निफ्टी भी फिसला
एजेंसी, मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मंदी का रुख बना रहा। कच्चे तेल के बढ़ते दामों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों में भारी घबराहट देखी गई। दिन के कारोबार की समाप्ति पर बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक (सेंसेक्स) 460.30 अंक यानी 0.62 प्रतिशत लुढ़ककर 73,249.39 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सूचकांक भी 123.70 अंक यानी 0.54 प्रतिशत गिरकर 22,687.65 पर आ गया।
किन क्षेत्रों पर दिखा सबसे ज्यादा दबाव?
कारोबार के दौरान बिकवाली का असर बाजार के अधिकांश हिस्सों पर हावी रहा:
सर्वाधिक नुकसान वाले क्षेत्र: संचार व मनोरंजन (मीडिया) शेयरों में 2.35 प्रतिशत की तेज गिरावट आई। इसके अलावा दैनिक उपयोग के उपभोक्ता सामान (एफएमसीजी) में 1.41 प्रतिशत, रक्षा विनिर्माण में 1.21 प्रतिशत, ऊर्जा क्षेत्र में 1.05 प्रतिशत तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) में 1.05 प्रतिशत की सुस्ती दर्ज की गई।
बढ़त दिखाने वाले क्षेत्र: इस चौतरफा दबाव के बीच भी औषधि (फार्मा), सरकारी बैंक और स्वास्थ्य सेवा (हेल्थकेयर) से जुड़े शेयरों ने मजबूती दिखाई और बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे।
मझोली और छोटी कंपनियों पर दोहरी मार
बड़ी कंपनियों के साथ-साथ मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव अधिक गंभीर रहा:
मझोली कंपनियां (मिडकैप): निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 501.90 अंक यानी 0.87 प्रतिशत गिरकर 57,063.95 के स्तर पर आ गया।
छोटी कंपनियां (स्मॉलकैप): निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में 211.40 अंक यानी 1.14 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 18,275.90 पर बंद हुआ।
प्रमुख कंपनियों के शेयरों का हाल
लाभ में रहने वाले शेयर: बिकवाली के बावजूद बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स और टाटा स्टील जैसी कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ हरे निशान पर टिके रहे।
गिरावट दर्ज करने वाले शेयर: दूसरी तरफ एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, आईटीसी, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी, टाइटन और एक्सिस बैंक के शेयरों में भारी मुनाफावसूली और गिरावट दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण विदेशी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया हुआ है। निचले स्तरों पर दिन के बीच में थोड़ी लिवाली जरूर देखने को मिली, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव बना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक अनिश्चितताएं कम नहीं होतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव का यह दौर बना रह सकता है।
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