शेयर बाजार: सेंसेक्स 73,124 और निफ्टी 22,600 पर अटका
एजेंसी, मुंबई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता सप्ताह भारी गिरावट वाला रहा। अवकाश के कारण कारोबारी सत्र कम होने के बावजूद निवेशकों को कोई राहत नहीं मिली। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार चार सत्रों तक बिकवाली का दौर जारी रहा। पूरे सप्ताह के दौरान निफ्टी 50 में लगभग 2.4 प्रतिशत और सेंसेक्स में करीब 2.2 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
शुक्रवार के आंकड़े: लगातार चौथे सत्र में फिसले सूचकांक
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भी बाजार संभलने में नाकाम रहा:
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सेंसेक्स: दिन के अंत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 125.56 अंक (0.17%) गिरकर 73,123.83 के स्तर पर बंद हुआ।
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निफ्टी: एनएसई निफ्टी 87.65 अंक (0.39%) की कमजोरी के साथ 22,600.00 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर पर टिक गया।
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अल्पकालिक तकनीकी संरचना कमजोर: लगातार चार दिनों की गिरावट ने सूचकांकों के चार्ट को कमजोर किया है, जिससे पिछली रिकवरी के स्तर गंवा दिए गए हैं।
मिडकैप-स्मॉलकैप में ज्यादा नुकसान, आईटी ने संभाला मोर्चा
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व्यापक बाजार में भगदड़: ऊंचे वैल्यूएशन और ट्रेडर्स द्वारा लीवरेज्ड पोजिशन काटने की वजह से मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में लार्जकैप की तुलना में कहीं तेज करेक्शन देखा गया।
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सेक्टोरल रुख: कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और रियल्टी जैसे ब्याज दर संवेदनशील सेक्टर्स में भारी बिकवाली हुई। बढ़ती इनपुट लागत और मार्जिन पर दबाव ने इन शेयरों को पस्त किया।
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आईटी सेक्टर में ठहराव: बेहतर तिमाही नतीजों और निवेशकों की रुचि के दम पर आईटी शेयरों ने अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई और सप्ताह का अंत लगभग स्थिर स्तर पर किया।
कच्चे तेल में 6 महीने का सबसे बड़ा उछाल: $116 के पार ब्रेंट
बाजार के जानकारों के अनुसार, कच्चे तेल की बेलगाम कीमतें घरेलू बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम बनी हुई हैं:
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ब्रेंट क्रूड: शुक्रवार को 3.1 प्रतिशत चढ़कर 116.72 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जो 29 अप्रैल के बाद का छह महीने का उच्चतम स्तर है। पूरे हफ्ते में ब्रेंट 6.2% उछला।
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डब्ल्यूटीआई क्रूड: अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) 3.8 प्रतिशत की तेजी के साथ 103.27 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा।
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अर्थव्यवस्था पर असर: विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की ऊंची कीमतें सीधे तौर पर ट्रांसपोर्ट और एनर्जी लागत बढ़ाएंगी, जिससे उपभोक्ता मांग घटेगी और कंपनियों के मार्जिन पर गहरा असर पड़ेगा।
तकनीकी स्तर (Technical Levels)
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निफ्टी: 22,800 का स्तर तत्काल प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) है, जिसके पार होने पर 23,000 की दिशा बनेगी।
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सेंसेक्स: 72,600 से 72,500 का दायरा निकटतम मजबूत सपोर्ट जोन माना जा रहा है।
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