महंगे हुए स्मार्टफोन, थमी रफ्तार
एजेंसी, नई दिल्ली। काउंटरपॉइंट रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की तीसरी तिमाही (सितंबर तिमाही) के दौरान भारतीय स्मार्टफोन बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मेमोरी चिप्स की रिकॉर्ड ऊंची कीमतों और बढ़ती विनिर्माण लागत के चलते देश में स्मार्टफोन शिपमेंट सालाना आधार पर 20 प्रतिशत गिरकर पिछले एक दशक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। कमजोर मांग के कारण कंपनियों ने त्योहारी सीजन से पहले भी चैनलों में अतिरिक्त स्टॉक भेजने से परहेज किया।
बजट और मिड-रेंज सेगमेंट पर सबसे ज्यादा मार
स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों का सबसे बड़ा झटका आम उपभोक्ताओं और किफायती फोन सेगमेंट को लगा है:
20,000 से कम के फोन में भारी गिरावट: 20,000 रुपये से कम कीमत वाले स्मार्टफोन की शिपमेंट में 47 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई है।
बजट से बाहर हुए कई मॉडल: पुर्जों की लागत बढ़ने के कारण कई लोकप्रिय मॉडल महंगे होकर उच्च मूल्य वर्ग में पहुंच गए, जिससे 15,000 रुपये से कम वाले मास-मार्केट वर्ग की बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई।
कंपनियों की रणनीति: लागत नियंत्रित करने के लिए कंपनियां अब अपेक्षाकृत कम फीचर्स वाले मॉडल, 4G फोन या समान कीमत पर स्पेसिफिकेशन घटाकर फोन पेश करने पर मजबूर हो रही हैं।
2026 और 2027 के लिए चुनौतियां
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि स्मार्टफोन बाजार में यह सुस्ती आने वाले समय में भी बनी रह सकती है:
सालाना गिरावट का अनुमान: काउंटरपॉइंट के अनुसार, पूरे वर्ष 2026 में भारतीय स्मार्टफोन बाजार में लगभग 13 प्रतिशत की कुल गिरावट आने का अनुमान है।
लंबा हुआ अपग्रेड चक्र: कीमतें अधिक होने से उपभोक्ता पुराने फोन को बदलने (रिप्लेसमेंट साइकिल) में ज्यादा समय ले रहे हैं, जिससे नई खरीदारी की गति धीमी पड़ गई है।
ईएमआई और ऑफर्स का सहारा: आने वाले समय में बाजार को सहारा देने के लिए नो-कॉस्ट ईएमआई, एक्सचेंज ऑफर्स और प्रमोशनल स्कीम्स की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है।
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