सेबी का बड़ा एक्शन, अवधूत साठे को ₹546 करोड़ रिफंड करने का आदेश
एजेंसी, नई दिल्ली। पूंजी बाजार नियामक सेबी ने अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड (ASTPL) और इसके संस्थापक अवधूत साठे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। नियामक ने अवैध रूप से जुटाई गई 546.17 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि निवेशकों को वापस करने का आदेश दिया है। सेबी की जांच में पाया गया कि यह संस्थान बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी और रिसर्च एनालिस्ट से जुड़ी सेवाएं चला रहा था।
शेयर बाजार से प्रतिबंध, अवधूत साठे और कंपनी पर 2 साल की रोक
नियामक ने अपने अंतिम आदेश में सख्त पाबंदियां लगाई हैं:
बाजार से बाहर: अवधूत साठे और उनकी कंपनी को दो साल के लिए या पूरा रिफंड प्रोसेस पूरा होने तक (जो भी अधिक हो) पूंजी बाजार से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
निदेशक पद पर कार्रवाई: कंपनी के निदेशक अवधूत साठे को छह महीने के लिए सिक्योरिटीज मार्केट से दूर रहने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
बैंक निकासी पर रोक: आदेश के अनुसार, जब तक रिफंड की पूरी राशि जमा नहीं कराई जाती, तब तक संबंधित पक्षों के बैंक खातों से किसी भी तरह के डेबिट लेनदेन पर पूरी रोक रहेगी।
रिफंड की प्रक्रिया, 5 महीने में जमा कराने होंगे 546 करोड़ रुपए
निवेशकों को उनका पैसा लौटाने के लिए सेबी ने सख्त रूपरेखा तय की है:
विशेष बैंक खाता: कंपनी और अवधूत साठे को आदेश मिलने के 5 महीने के भीतर पूरी 546.17 करोड़ रुपए की रकम एक विशेष बैंक खाते में जमा करनी होगी।
अखबारों में विज्ञापन: अगले 30 दिनों के भीतर अंग्रेजी, हिंदी और स्थानीय भाषा के प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर निवेशकों को रिफंड क्लेम की प्रक्रिया समझानी होगी।
डिजिटल भुगतान: निवेशकों को पैसा केवल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर या अन्य बैंकिंग माध्यमों से ही सीधे उनके खातों में लौटाया जाएगा, ताकि पूरा डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहे।
बची हुई रकम: दावेदारों के भुगतान के बाद बची राशि एक साल तक एस्क्रो खाते में रहेगी और अंततः 'निवेशक संरक्षण एवं शिक्षा कोष' (IPEF) में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
11.5 करोड़ रुपए का भारी जुर्माना, 45 दिनों की मोहलत
नियम उल्लंघन को लेकर सेबी ने कड़ा आर्थिक दंड भी लगाया है:
कंपनी पर जुर्माना: एएसटीपीएल (ASTPL) पर 6 करोड़ रुपए का दंड लगाया गया है।
प्रमोटर्स पर पेनल्टी: अवधूत साठे पर 4 करोड़ रुपए और गौरी साठे पर 1.5 करोड़ रुपए का व्यक्तिगत जुर्माना ठोका गया है।
भुगतान की अवधि: कुल 11.5 करोड़ रुपए के जुर्माने का भुगतान 45 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से करना होगा।
जांच में खुली पोल, ट्रेनिंग की आड़ में बांटी जा रही थीं गैरकानूनी शेयर टिप्स
सेबी की विस्तृत जांच में सामने आया कि संस्था सिर्फ ट्रेनिंग नहीं दे रही थी:
गैरकानूनी एडवाइजरी: कंपनी कथित तौर पर विशिष्ट शेयरों के लिए एंट्री लेवल, एग्जिट टारगेट और स्टॉप-लॉस जैसी सीधी ट्रेडिंग सलाह दे रही थी, जिसके लिए उनके पास जरूरी लाइसेंस नहीं था।
ऊंचे रिटर्न का लालच: मार्केटिंग विज्ञापनों में चुनिंदा मुनाफे वाले सौदों को चमकाकर पेश किया गया और लोगों को अवास्तविक रिटर्न का सपना दिखाकर आकर्षित किया गया।
चेतावनी की अनदेखी: मार्च 2024 में सेबी द्वारा दी गई प्रशासनिक चेतावनी के बावजूद कंपनी ने इन अनधिकृत गतिविधियों को बंद नहीं किया, जिसके चलते यह कठोर कदम उठाया गया।
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