दिल्ली से न्याय की उम्मीद नहीं, फारूक अब्दुल्ला बोले अपने हक के लिए लड़ना होगा
एजेंसी, श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार और उपराज्यपाल प्रशासन पर निशाना साधते हुए बड़ा विवादित बयान दिया है। बारामुला में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान द्वारा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आवाज उठाने की वजह से ही कश्मीर के लोग सुरक्षित हैं, क्योंकि केंद्र सरकार के इरादे कश्मीरियों के प्रति सही नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों से अपने अधिकारों और पहचान को बचाने के लिए दिल्ली का सामना करने की अपील की।
पाकिस्तान के मंच उठाने का जिक्र, केंद्र के इरादों पर सवाल
फारूक अब्दुल्ला ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा:
अंतरराष्ट्रीय मंचों का हवाला: उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान कई वैश्विक मंचों पर कश्मीरियों के मुद्दे को उठा रहा है और इसी दबाव की वजह से जम्मू-कश्मीर के लोग बचे हुए हैं।
पहचान बचाने के लिए लड़ने का आह्वान: उन्होंने लोगों से कहा कि दिल्ली से किसी न्याय की उम्मीद न रखें। अगर लोग अपने हक के लिए आवाज नहीं उठाएंगे और सामना करने की हिम्मत नहीं दिखाएंगे, तो उनकी पहचान खत्म हो जाएगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था और मेडिकल छात्रों के बॉन्ड पर एलजी प्रशासन को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रशासनिक फैसलों पर कड़ा ऐतराज जताया:
40 लाख का बॉन्ड नियम: उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पढ़ने वाले मेडिकल छात्रों के लिए दो साल अस्पताल में सेवा देना अनिवार्य है, न करने पर 40 लाख रुपये चुकाने का नियम है। इससे संबंधित फाइल पिछले एक साल से एलजी के पास लंबित है और कोई फैसला नहीं हो रहा।
संस्थानों की स्वायत्तता खत्म करने का आरोप: अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि पहले मेडिकल संस्थानों के निदेशक और समितियां तय करती थीं कि कौन से उपकरण खरीदने हैं और किन डॉक्टरों की नियुक्ति करनी है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था ने उन तमाम शक्तियों को पूरी तरह छीन लिया है।
देश के लिए कुर्बानी को तैयार, सत्ता में बैठे लोगों को सुधरने की नसीहत
अल्लाह और जनता के प्रति जवाबदेही: फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वे केवल जनता ही नहीं बल्कि ईश्वर के प्रति भी जवाबदेह हैं, इसलिए सच बोलना उनकी मजबूरी है।
सुधार की चेतावनी: उन्होंने कहा कि हम देश के साथ आगे बढ़ने और जरूरत पड़ने पर बलिदान देने को तैयार हैं, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को अपनी नीतियों और सोच में सुधार करना होगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)