Varanasi Air Show: काशी में गंगा के ऊपर वायुसेना का शौर्य, एयर शो देखने उमड़े लाखों लोग
वाराणसी। काशी में भारतीय वायुसेना के एयर शो के दूसरे दिन शनिवार को गंगा घाटों पर दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही लोग घाटों की सीढ़ियों पर जगह लेकर आसमान में विमानों के करतब देखने के लिए जुटने लगे। नमोघाट सहित आसपास के घाटों पर लोगों में खासा उत्साह नजर आया। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ आयोजन दोपहर 2 बजे तक चला।
- दूसरे दिन नमोघाट से लेकर गंगा के घाटों तक दिखा उत्साह,
- सुबह 11 बजे शुरू हुआ एयर शो दोपहर 2 बजे संपन्न.
Varanasi Air Show: वाराणसी में आयोजित भारतीय वायुसेना के एयर शो को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। 22, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम के अंतिम दिन 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई गणमान्य लोगों का आना प्रस्तावित है।

सुबह 11 बजे शुरू हुआ एयर शो दोपहर 2 बजे संपन्न
सुबह करीब 11 बजे के बाद शुरू हुए आयोजन को दोपहर दो बजे दूसरे दिन विराम दे दिया गया। आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री और मुख्यमंत्री की संभावित मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। के आने के दौरान उनकी सुरक्षा की तैयारियों को भी एयरशो के दूसरे दिन अंतिम रूप दिया गया। आयोजन के साथ ही आखिरी दिन की रूपरेखा तय की गई। जबकि, सुरक्षा दस्तों ने नमो घाट पर दो दिनों के आयोजन के दौरान अंतिम दिन पीएम की मौजूदगी को लेकर कार्यक्रम को आखिरी रूप देने की रणनीति तय की।

विमानों में बीच हवा मिड एयर रिफ्यूलिंग का प्रदर्शन
आयोजन जब अपने समाप्ति की ओर पहुंचा तो बीच हवा में भारी भरकम टैंकर विमान के पीछे राफेल विमान उड़ते नजर आए। दो पाइपों के सहारे बीच हवा में पर्याप्त दूरी बनाकर विमान एक समान गति से उड़े और मिड एयर रिफ्यूलिंग का प्रदर्शन किया गया। इस प्रकार के फार्मेशन के माध्यम से भारतीय वायु सेना ने प्रदर्शित किया कि लंबी दूरी में जंग के दौरान विमानों को उतरने की जरूरत नहीं होगी और बीच हवा में ईंधन भरा जा सकता है। इससे लंबी दूरी की मारक क्षमता का भी भारतीय वायु सेना की दक्षता साबित होती है।

आकाश में हेलीकाप्टर से अलकनंदा फार्मेशन का प्रदर्शन
ग्रुप कैप्टन हर्ष पांडेय और एडवांस लाइट हेलीकाप्टर विंंगकमांडर ज्योतिप्रकाश पारिदा के निर्देशन में उड़े तो आकाश में अलकनंदा फार्मेंशन बनाते नजर आए। आकाश में चिनूक के साथ ही उड़ रहे अन्य हेलीकाप्टरों के प्रदर्शन ने दोपहर के आयोजन को चार चांद लगा दिया। जबकि हेलीकाप्टर नमोघाट से अस्सी की ओर रुख किए तो हर घाट पर उनका स्वागत दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ किया।
गंगा की लहरों पर गांठी सवारी और सारा आकाश निहार डाला
मणिकर्णिका घाट पर जलती चिता के सामने भी लोग एयर शो का लुत्फ उठाते हुए काशी में नजर आए। वहीं दशाश्वमेध घाट पर नाव पर बैठकर देखने में जो आनंद पब्लिक को आ रहा है वह नमो घाट पर नहीं आ रहा है। कुछ इसी तरह के भाव से पर्यटक भी अन्य घाटों पर भरे नजर आए। जबकि गंगा में नमो घाट की ओर नौका संचालन पर प्रतिबंध होने से नाविक कुछ उदास भी नजर आए।

कौन सा विमान गुजरा है? कयासबाजी में रहे लोग
गंगा के घाटों पर नजर गड़ाए लोगों के सामने से विमान एक एक कर आते गए और पलक झपकते ही आंखों से ओझल होते रहे। एयर फोर्स की ताकत का नजारा ले रहे लोगों के लिए यह अनोखा अवसर था। लोग विमानों को पहचानने की कोशिश करते रहे कि इस समय जो सामने है वह तेजस है या सुखोई और गति का बादशाह राफेल है। हेलीकाप्टरों की पहचाान को लेकर भी लोग कयास लगाते रहे। हालांकि नमो घाट पर सभी की घोषणा भी लगातार आयोजन के दौरान होती रही।
चिनूक हेलीकाप्टर ने गंगा की लहरों को करीब से किया महसूस
बोइंग का दुनिया का सबसे बड़ा मालवाहक हेलीकाप्टर कहा जाने वाला चिनूक आयोजन में दोपहर एक बजे के बाद पहुंचा और गंगा की लहरों के करीब जाकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। भारी भरकम डबल रोटेटर वाला हेलीकाप्टर चिनूक भारतीय सेना में शामिल किया गया है। इस पर भारी माल और काफी संख्या में वायु सैनिकों की तैनाती के साथ ही ऊंचे स्थानों पर परिवहन के लिहाज से प्रयोग किया जाता है। गंगा की लहरों के काफी करीब चिनूक ने उड़ान भरकर ऊंचाई और धरातल का कम समय में फासला तय करने का प्रदर्शन किया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)