शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स 366 अंक टूटा, निफ्टी 22,700 के नीचे फिसला
एजेंसी, मुंबई। वैश्विक बाजारों से मिले सुस्त संकेतों, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल के चलते गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार भारी दबाव में खुले। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 366.36 अंक (0.50%) टूटकर 73,343.33 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 ने 123.60 अंक (0.54%) की गिरावट के साथ 22,687.75 के स्तर से शुरुआत की।
दिन के निचले स्तरों पर पहुंचे प्रमुख सूचकांक
कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव और बढ़ गया:
सेंसेक्स और निफ्टी: सेंसेक्स फिसलकर 73,005.11 के निचले स्तर तक पहुंच गया, वहीं निफ्टी 50 ने 22,554.85 का स्तर छुआ।
मिडकैप व स्मॉलकैप में बड़ी गिरावट: व्यापक बाजार में भी तेज गिरावट रही। निफ्टी मिडकैप में 1.04% और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.91% की गिरावट दर्ज की गई।
ऑटो, मेटल और फार्मा शेयरों पर सबसे ज्यादा मार
सेक्टरवार प्रदर्शन में बाजार का रुख पूरी तरह से नकारात्मक रहा:
निफ्टी ऑटो, मेटल और हेल्थकेयर: इन सूचकांकों में 0.98% तक की गिरावट देखने को मिली।
फार्मा व रियल्टी: निफ्टी फार्मा 0.78% कमजोर हुआ, जबकि एफएमसीजी, रियल्टी, सीमेंट और बैंकिंग-फाइनेंशियल शेयरों में भी भारी मुनाफावसूली दर्ज की गई।
क्रूड ऑयल $110 के पार और बॉन्ड यील्ड की चुनौती
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, बाजार की इस कमजोरी के पीछे कई बड़े वैश्विक और तकनीकी कारण हैं:
कच्चा तेल महंगा: ब्रेंट क्रूड 1% से ज्यादा चढ़कर लगभग $110 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा गहरा गया है।
वैल्यूएशन की चिंता: मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हालिया रैली कंपनियों की कमाई से ज्यादा लिक्विडिटी के कारण आई थी, जिसके चलते वैल्यूएशन महंगे हो गए थे। अब निवेशक सुरक्षित और वाजिब वैल्यूएशन वाले लार्ज-कैप शेयरों की ओर रुख कर रहे हैं।
एशियाई बाजारों में मंदी: जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी शुरुआती सत्र में 2% तक लुढ़क गए, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ा।
तकनीकी नजरिया: 22,590 का अहम सपोर्ट
तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि 22,700 का स्तर टूटना बाजार में गहरे करेक्शन का संकेत है।
अहम स्तर: निफ्टी के लिए 22,590 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो गिरावट बढ़ सकती है।
रिकवरी की शर्त: बाजार में दोबारा तेजी लौटने के लिए निफ्टी को 22,840 के स्तर के ऊपर टिकना जरूरी होगा।
उल्लेखनीय है कि बीते सत्र में एफआईआई (FII) ने ₹1,022 करोड़ और डीआईआई (DII) ने ₹1,614 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की थी, लेकिन बाहरी दबाव के आगे घरेलू संस्थागत निवेश का सहारा भी टिक नहीं सका।
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