अमेरिका: हिंदू मंदिर में मास शूटिंग की साजिश से हड़कंप, 105 सांसदों ने FBI से मांगी 'हेट क्राइम' जांच
वाशिंगटन: अमेरिका के इलिनोइस स्थित प्रसिद्ध हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की नाकाम कोशिश के बाद मामला गरमा गया है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए 105 अमेरिकी सांसदों (लॉ मेकर्स) ने फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) को पत्र लिखकर इसे संघीय 'हेट क्राइम' (घृणा अपराध) मानकर उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है। सांसदों ने देश में भारतीय-अमेरिकियों और दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ तेजी से बढ़ रही नस्लीय नफरत पर गहरी चिंता जताई है।
सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने की अगुवाई, घटना के वक्त मंदिर में थे मौजूद
इस द्विदलीय अपील का नेतृत्व भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने किया। 11 अक्टूबर को जब यह घटना हुई, उस वक्त कृष्णमूर्ति अपने परिवार के साथ ऑरोरा के श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे थे।
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FBI निदेशक काश पटेल को लिखे गए पत्र पर कांग्रेस के सभी भारतीय-अमेरिकी सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं।
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इसके अलावा इलिनोइस के पूरे डेमोक्रेटिक प्रतिनिधिमंडल और प्रमुख सीनेटरों (डिक डरबिन, टैमी डकवर्थ, एंडी किम और क्रिस वैन हॉलेन) ने भी इस मांग का समर्थन किया है।
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सांसदों ने FBI से 29 अक्टूबर तक इस मामले पर विस्तृत लिखित जवाब मांगा है।
राइफल में आई खराबी, टल गया खूनी नरसंहार
अभियोजकों के अनुसार:
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19 वर्षीय नव-नाजी समर्थक एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस हथियार लेकर सीधे मंदिर में घुसा था।
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उसका इरादा श्रद्धालुओं पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने का था, लेकिन ऐन वक्त पर उसकी राइफल जाम (खराब) हो गई, जिसके चलते वह मौके से भाग निकला।
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उसी दिन उसने अपने एक सहकर्मी से दोबारा मंदिर जाकर हमला करने की बात कही। सहकर्मी ने तुरंत पुलिस को अलर्ट किया, जिसके बाद आरोपी को दबोच लिया गया।
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आरोपी के पास से एक राइफल, सैकड़ों राउंड जिंदा कारतूस, बॉडी आर्मर और 8 पन्नों का 'श्वेत वर्चस्ववादी' घोषणापत्र बरामद हुआ, जिसमें भारतीयों के खिलाफ नफरत और हिंसा की बातें लिखी थीं।
ऑनलाइन नफरत का खौफनाक ट्रेंड: दक्षिण एशियाई विरोधी पोस्ट 240% बढ़े
सांसदों ने अपने पत्र में हालिया अध्ययनों का हवाला देकर बताया कि किस तरह दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है:
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240% का उछाल: 'सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट' के अध्ययन के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर दक्षिण एशियाई विरोधी नफरत भरे पोस्ट्स में 240% की भारी बढ़ोतरी देखी गई है।
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समुदाय में डर: 'कार्नेगी एंडोमेंट' के सर्वे के अनुसार, 48% भारतीय-अमेरिकियों ने माना है कि वे सोशल मीडिया पर अपने समुदाय के खिलाफ अक्सर नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणियां देखते हैं।
सरकारी एजेंसियों की लापरवाही पर भी सांसदों ने उठाए सवाल
पत्र में डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) और शिक्षा विभाग के कुछ हालिया सोशल मीडिया पोस्ट्स पर भी आपत्ति जताई गई, जिनसे नस्लीय रूढ़िवादिता को बढ़ावा मिलने का खतरा था। सांसदों ने कहा कि किसी भी सरकारी संदेश से किसी खास समुदाय के प्रति पूर्वाग्रह को वैधता नहीं मिलनी चाहिए।
'आस्था और रंग-रूप की वजह से किसी को डरने की जरूरत नहीं'
सांसदों ने स्पष्ट किया कि पूजा स्थलों पर इस तरह का खतरा असहनीय है। पत्र में लिखा गया— "किसी भी व्यक्ति को अपने धर्म, रंग या नस्ल की वजह से निशाने पर आने का डर नहीं होना चाहिए। कोई भी श्रद्धालु जब मंदिर या पूजा स्थल जाए, तो उसके मन में सामूहिक हिंसा का खौफ नहीं होना चाहिए।"
सोशल मीडिया टिकर / वन-लाइनर्स
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इलिनोइस मंदिर हमले की साजिश: 105 अमेरिकी सांसदों ने उठाई FBI जांच की मांग, हेट क्राइम एंगल से पड़ताल की अपील।
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बड़ा नरसंहार टला: मंदिर में राइफल जाम होने से बची सैकड़ों जिंदगियां, आरोपी नव-नाजी समर्थक गिरफ्तार।
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