भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 143 अंक फिसला
सेंसेक्स 143 अंक गिरकर बंद, स्मॉलकैप इंडेक्स 2.37% लुढ़का; डिफेंस, मेटल और ऑटो शेयरों पर दबाव
एजेंसी, मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार के अंत में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 143.21 अंक टूटकर 73,709.69 पर और निफ्टी 77.60 अंक गिरकर 22,811.35 पर बंद हुआ। लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली ने बाजार की धारणा पर दबाव बनाए रखा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा गिरावट
बुधवार के कारोबार में छोटे और मझोले शेयरों में बिकवाली का दबाव अधिक रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 922.10 अंक यानी 1.58 प्रतिशत गिरकर 57,565.85 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 448.45 अंक यानी 2.37 प्रतिशत टूटकर 18,487.30 पर आ गया।
डिफेंस, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में कमजोरी
सेक्टर आधारित सूचकांकों में निफ्टी इंडिया डिफेंस 2.49 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.86 प्रतिशत और निफ्टी मेटल 1.71 प्रतिशत गिरकर प्रमुख लूजर्स में शामिल रहे। निफ्टी ऑटो, एनर्जी, मीडिया, रियल्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज, पीएसई और इंडिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुए। इसके विपरीत निफ्टी आईटी और निफ्टी सर्विसेज हरे निशान में रहे।
आईटी शेयरों में मजबूती, कई बड़े शेयर फिसले
एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, आईटीसी और आईसीआईसीआई बैंक बढ़त के साथ बंद हुए।
दूसरी ओर, बजाज फाइनेंस, इटरनल, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, मारुति सुजुकी, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, बीईएल, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, टाइटन, एसबीआई, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक और एलएंडटी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी बिकवाली का असर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कारोबारी सत्र की शुरुआत में आई तेजी बरकरार नहीं रह सकी। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया। ऑटो, वित्तीय, मेटल और रियल्टी शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली, जबकि आईटी सेक्टर को बेहतर कमाई की संभावनाओं और निवेशकों की दिलचस्पी से समर्थन मिला।
बाजार की अगली चाल किन बातों पर निर्भर?
विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजे और घरेलू संस्थागत निवेशकों का निवेश बाजार को सहारा दे रहे हैं। हालांकि, बाजार में व्यापक गिरावट और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण सतर्कता बनी हुई है।
आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, व्यापार वार्ता में प्रगति और विदेशी निवेश का प्रवाह बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
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