गेंद बल्ले के बीच लगे तो बैटिंग आसान हो जाती है, शतकीय पारी के बाद बोलीं प्रतिका रावल
एजेंसी, नई दिल्ली। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले वनडे मैच में भारत की 9 विकेट से धमाकेदार जीत की सूत्रधार रहीं ओपनर प्रतिका रावल ने अपनी नाबाद शतकीय पारी का श्रेय शानदार तैयारी और क्रीज पर आत्मविश्वास को दिया है। प्रतिका ने 96 गेंदों पर नाबाद 100 रनों की पारी खेली और शेफाली वर्मा के साथ 106 रनों की अटूट साझेदारी कर टीम को आसान जीत दिलाई।
क्रीज पर नियंत्रण और मानसिक स्पष्टता, शतक पर प्रतिका का बयान
बीसीसीआई द्वारा जारी वीडियो में प्रतिका ने अपनी पारी और फॉर्म पर खुलकर बात की:
शॉट्स पर पूरा नियंत्रण: प्रतिका ने कहा कि जब गेंद बल्ले के बीचोंबीच लगती है और सही गैप में जाती है, तो बल्लेबाजी बेहद आसान लगने लगती है।
दिमाग में उलझन नहीं: उन्होंने बताया कि जब मन में गैर-जरूरी विचार नहीं चलते, तो दबाव खुद ब खुद खत्म हो जाता है और शॉट खेलने की आजादी मिलती है।
कोच अमोल मजूमदार ने दिलाया याद, मंधाना ने बढ़ाया हौसला
इस शतक के साथ जुड़ा एक दिलचस्प संयोग भी सामने आया:
पहले शतक की तारीख: प्रतिका को अंदाजा नहीं था कि वह ठीक उसी तारीख को खेल रही हैं जिस दिन उन्होंने अपना पहला वनडे शतक जमाया था। मैच से ठीक पहले हेड कोच अमोल मजूमदार ने उन्हें यह याद दिलाया।
मंधाना की सलाह: साथी ओपनर स्मृति मंधाना ने उन्हें वही कारनामा दोबारा दोहराने के लिए प्रेरित किया, जिसे उन्होंने मैदान पर सच कर दिखाया।
सपाट पिच और नेट्स की कड़ी मेहनत आई काम
अपनी आक्रामक पारी की तकनीकी वजहों का जिक्र करते हुए प्रतिका ने कहा:
अनुकूल परिस्थितियां: पिच पूरी तरह सपाट थी और गेंद ज्यादा हरकत नहीं कर रही थी। जिम्बाब्वे की फील्ड प्लेसिंग का भी भारतीय बल्लेबाजों ने भरपूर फायदा उठाया।
नेट्स में बाउंड्री लगाने का अभ्यास: हाल के दिनों में नेट्स पर ज्यादा बाउंड्री मारने और आक्रामक खेलने की विशेष तैयारी की थी, जिसका परिणाम मैच में देखने को मिला।
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