मेरठ सांपकांड में आज आएगा फैसला, पत्नी रविता ने प्रेमी के साथ मिलकर की थी पति की हत्या
नॉकआउट न्यूज रिपोर्टर मेरठ। शुक्रवार को बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव के अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत सजा सुनाएगी। पत्नी रविता ने प्रेमी के साथ मिलकर सांप के काटने से मौत दिखाने की साजिश रची थी। इसके बाद सांप के डसने की अफवाह फैला दी। सबको बताया कि सर्पदंश से मौत हुई है। मामले में दोषी ठहराई गई पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप की सजा पर फैसला होना है।
12 अप्रैल 2025 को हुई इस वारदात में आरोपियों ने शव के पास सांप छोड़कर हत्या को हादसा दिखाने की कोशिश की थी। हालांकि 5 दिन बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना सामने आने के बाद जांच की दिशा बदल गई थी।
पुलिस की पूछताछ में रविता ने अमरदीप का नाम बताया। इसके बाद दोनों ने जुर्म कुबूल कर लिया। 8 अक्टूबर को दोनों को दोषी करार किया गया था। अब कल दोनों को सजा सुनाई जाएगी।
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रविता और अमरदीप ने अमित को अपने संबंधों में बाधा मानते हुए उसकी हत्या की साजिश रची थी। इसके तहत 12 अप्रैल 2025 की रात दोनों ने सोते समय अमित के दोनों हाथ पकड़कर गला घोंट दिया था। हत्या के बाद वारदात को सर्पदंश से हुई मौत दिखाने के लिए अमित के बिस्तर पर जिंदा सांप छोड़ दिया गया। जांच के मुताबिक अमरदीप ने माता के जागरण का बहाना बनाकर सपेरे कृष्ण से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। कृष्ण यह सांप अपने नाना प्रीतमनाथ से लेकर आया था। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 26 जून 2025 को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया था।
भाई की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ था
अमित कश्यप अपने पड़ोसी दोस्त अमरदीप के साथ टाइल्स व पत्थर लगाने का काम करता था। अमित के भाई मोनू कश्यप ने 16 अप्रैल 2025 को रविता और अमरदीप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और मामले की विवेचना पूरी की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी माना। अब 16 अक्तूबर को अदालत उनकी सजा तय करेगी। इस फैसले पर अमित के परिजनों और मामले से जुड़े लोगों की नजरें टिकी हैं।
12 गवाहों की मदद से सिद्ध हुआ दोष
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाहों ने गवाही दी। इनमें मृतक का भाई मोनू, मुनेश, कृष्ण, सपेरा प्रीतमनाथ, दरोगा पंकज गौतम, चिकित्सक डॉ. कपिल गर्ग, विवेचक इंदु वर्मा, वोडाफोन के नोडल अधिकारी शुभम शर्मा, रिलायंस जियो के नोडल अधिकारी लोकेश कुमार, अमित और कांस्टेबल क्लर्क रामप्रवेश शामिल रहे।
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