रिलायंस का मस्क को करारा जवाब प्रतिस्पर्धा को तैयार कानून सभी के लिए समान
मुंबई । रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने शुक्रवार को कहा कि भारत में सैटेलाइट संचार क्षेत्र के लिए बनाए गए नियम घरेलू और विदेशी सभी कंपनियों पर समान रूप से लागू होते हैं। कंपनी की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब एलन मस्क ने स्टारलिंक को भारत में मंजूरी मिलने में आ रही नियामकीय बाधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं।
जियो सहित हर कंपनी को भारत के लोगों की सेवा करनी है और देश के कानूनों तथा नीतियों का पालन करना है
एक बयान में रिलायंस ने कहा, "हम सैटेलाइट कम्युनिकेशन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का स्वागत करते हैं, जिसमें स्टारलिंक भी शामिल है।
"कंपनी ने कहा, "जियो सहित हर कंपनी को भारत के लोगों की सेवा करनी है और देश के कानूनों तथा नीतियों का पालन करना है।"रिलायंस ने अपने बयान में कहा, "हाल के दिनों में रिलायंस और भारतीय बाजार को लेकर की गई टिप्पणियों के मद्देनजर हम तथ्यों को स्पष्ट करना चाहते हैं।
हर भारतीय कंपनी की तरह रिलायंस भी ऐसे भारत में विकसित हुआ है, जो निवेश और नवाचार का स्वागत करता है, चाहे वह देश में विकसित हो या विदेश से आए, बशर्ते उससे लोगों के जीवन में सुधार हो।
जियो ने भी वर्ष 2016 में भारत के अत्यंत प्रतिस्पर्धी दूरसंचार बाजार में एक नए खिलाड़ी के रूप में प्रवेश किया था
कंपनी ने आगे कहा कि यह खुलापन कानून के शासन पर आधारित है। "भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह भारतीय और विदेशी, सभी आवेदकों के लिए समान प्रक्रिया अपनाती है।
जियो की अपनी सैटेलाइट सेवाएं भी अभी विभिन्न मंजूरियों का इंतजार कर रही हैं।"रिलायंस ने कहा कि उसने कभी प्रतिस्पर्धा से डर महसूस नहीं किया है।
उसने कहा, "हम इसे इस बात की सबसे बड़ी परीक्षा मानते हैं कि ग्राहकों की बेहतर सेवा कौन दे सकता है। जियो ने भी वर्ष 2016 में भारत के अत्यंत प्रतिस्पर्धी दूरसंचार बाजार में एक नए खिलाड़ी के रूप में प्रवेश किया था, जब उसके पास एक भी ग्राहक नहीं था।
"कंपनी ने आगे बताया कि केवल 10 वर्षों में जियो ने 53 करोड़ से अधिक ग्राहकों का विश्वास जीता है और भारतीयों को दुनिया के सबसे बेहतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सबसे किफायती डेटा सेवाओं में से एक उपलब्ध कराई हैं।
उल्लेखनीय है कि स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट संचार सेवाएं उपलब्ध कराने का लाइसेंस मिल चुका है, लेकिन वाणिज्यिक सेवाएं शुरू करने से पहले कंपनी को सुरक्षा संबंधी मंजूरियों और अन्य स्वीकृतियों की आवश्यकता है।
पिछले सप्ताह एलन मस्क ने स्टारलिंक के भारत में प्रवेश को लेकर अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी पर निशाना साधा था।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्हें व्यंग्यात्मक रूप से "प्रिय प्रधानमंत्री अंबानी" कहकर संबोधित किया और आरोप लगाया कि वे एकाधिकार बनाए रखना चाहते हैं तथा स्टारलिंक को प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति नहीं देना चाहते।
स्वाभाविक रूप से आप भारत के लोगों पर अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहेंगे
मस्क ने एक्स पर लिखा था, "प्रिय प्रधानमंत्री अंबानी, मुझे यह समझने में देर हुई कि भारत में वास्तविक फैसले लेने वाले आप हैं, इसके लिए मैं क्षमा चाहता हूं।
"उन्होंने आगे कहा, "स्वाभाविक रूप से आप भारत के लोगों पर अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहेंगे, लेकिन क्या इसके बावजूद आप स्टारलिंक को प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देंगे?"हालांकि भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि सैटेलाइट संचार क्षेत्र में सभी कंपनियों के आवेदनों की समीक्षा निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
इनपुट : आईएएनएस
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)