Bhagwati temple Fire: उत्तराखंड के बागेश्वर में आदि बद्री मां भगवती मंदिर में लगी भीषण आग, मंदिर में बना पंडाल भी जलकर खाक

Oct 16, 2026 - 13:49
0 9
Bhagwati temple Fire: उत्तराखंड के बागेश्वर में आदि बद्री मां भगवती मंदिर में लगी भीषण आग, मंदिर में बना पंडाल भी जलकर खाक
  • शक्तिपीठ को भारी नुकसान: उत्तराखंड के बागेश्वर में आदि बद्री मां भगवती मंदिर में लगी भीषण आग.

Bhagwati temple Fire: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब मां भगवती मंदिर में भीषण आग लग गई. जिससे यहां भारी नुकसान होने की खबर आई है. मंदिर में आग की लपटें उठती देख किसी ग्रामीण ने घटना का वीडियो बनाया है, जो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है. 

यह कुमाऊं रीजन का प्रसिद्ध शक्तिपीठ स्थान है, जहां नवरात्रि पर भक्तों की भीड़ जुटती है. बदियाकोट में मां भगवती का यह मंदिर लकड़ी से बना हुआ था और मंदिर लकड़ी की पर की गई  सुंदर नक्काशी के लिए जाना जाता था. मंदिर की पारंपरिक काष्ठकला इसे खास पहचान देती थी. नवरात्रि के बीच हुई इस घटना ने लोगों को चिंता में डाल दिया है और स्थानीय लोग इस घटना को अशुभ मांन रहे हैं, हालांकि आग लगने की वजह शार्ट सर्किट या पूजा के लिए जलाए गए दीपक का कारण माना जा रहा है. 

घटना नवरात्रि के 6वें दिन हुई

यह घटना नवरात्रि के 6वें दिन की है. कुमाऊ रीजन में बागेश्वर जिले की कपकोट तहसील से करीब 50 किलोमीटर दूर यह मंदिर बना हुआ है. यहां सुबह के वक्त भीषण आग लग गई. आग लगने की वजह से मंदिर का मुख्य ढांचा जल गया है. लकड़ी का मंदिर होने की वजह से आग भी तेजी से फैल गई. जिसकी लपटे भी दूर से दिखाई दे रह हैं. बताया जा रहा है कि पहाड़ों पर मंदिर होने की वजह से यहां आग बुझाने के लिए पर्याप्त अग्निशमन सेवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. जिसकी वजह से आग पर काबू पाने में देर लग गई. इस वजह से काफी नुकसान हो गया.  

जल गया माता का पंडाल 

नवरात्रि में आग लगने की वजह से बद्री मां भगवती मंदिर में बना पंडाल भी जलकर खाक हो गया है. जबकि मंदिर में हुई लकड़ी की बेहद सुंदर नक्काशी भी जलकर पूरी तरह से खाक हो गई है. इस अग्निकांड से लोग परेशान भी हैं. फिलहाल यही बताया जा रहा है कि दीये में लंबी बाती लगाकर उसे गलत स्थान पर रखा गया होगा, जिसकी वजह से आग लगी होगी. हालांकि अब तक कुछ भी स्पष्ट वजह नहीं आई है. 

माता का यह मंदिर प्रसिद्ध है 

उत्तराखंड का यह देवी मंदिर प्रसिद्ध शक्तिपीठ माना जाता है. मान्यता है कि यहां मां भगवती ने दैत्य निशुम्भ का वध किया था. जिसकी वजह से इस जगह का नाम पहले वधकोट पड़ा था. बाद में यहां का नाम बदियाकोट हो गया है. मंदिर दानपुर घाटी में बना हुआ है, जिससे यह गढ़वाल और कुमाऊं दोनों रीजन में फेमस हैं, यहां दूसरे राज्यों से भी भक्त आते हैं. यहां सल्पाती मेले का आयोजन भी होता है. फिलहाल इस घटना के बाद गांव में दुख का माहौल है. 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User