साइबर अपराधियों का आतंक: महिला बनकर अधिकारी को फंसाया, 8 महीने में 2.6 करोड़ ठगे, मुकदमा दर्ज 

Jun 16, 2026 - 13:55
0 10
साइबर अपराधियों का आतंक: महिला बनकर अधिकारी को फंसाया, 8 महीने में 2.6 करोड़ ठगे, मुकदमा दर्ज 
  • क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर 2.60 करोड़ रुपये की ठगी.
  • पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज.

आगरा: साइबर अपराधियों ने महिला की फर्जी पहचान बनाकर खाद्य एवं रसद विभाग के एक विपणन अधिकारी को अपने जाल में फंसा लिया और क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर उनसे 2.60 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। आठ महीने तक अलग-अलग बहानों से रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया। पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

देवरी रोड स्थित मुन्ना पैलेस कॉलोनी निवासी अगम तेज प्रकाश खाद्य एवं रसद विभाग में विपणन अधिकारी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 9 अगस्त 2025 को फेसबुक पर 'निधि शर्मा' नाम की एक आईडी से उन्हें मैसेज मिला था।

महिला ने खुद को पश्चिम बंगाल की निवासी बताया। फेसबुक मैसेंजर पर बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हो गई। इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू कर दी और उन्हें क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया।

आरोपियों ने क्रिप्टो करेंसी के बाउचर दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित किया। इसके बाद पीड़ित को 'ट्रस्ट कॉइन ट्रेडिंग' नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ दिया गया, जहां उन्हें ट्रेडिंग कराई जाने लगी।

शुरुआत में थोड़ा मुनाफा दिखाकर उनका भरोसा मजबूत किया गया। धीरे-धीरे निवेश की रकम बढ़वाई गई। जब उन्होंने अपनी राशि निकालने की कोशिश की तो विड्रॉल में तकनीकी दिक्कतों और अन्य औपचारिकताओं का हवाला देकर नई-नई रकम जमा कराने को कहा जाने लगा।

पीड़ित के अनुसार, बाद में एक व्यक्ति ने खुद को युवती का पिता बताकर उनसे संपर्क किया। उसने आलोक नाम के व्यक्ति की मदद से निवेश की रकम निकलवाने का आश्वासन दिया।

आलोक ने कमीशन तय करते हुए करीब 1.42 करोड़ रुपये का लाभ क्रिप्टो करेंसी में दिखाया। जब अगम तेज प्रकाश ने यह रकम निकालने का प्रयास किया तो पहले कमीशन जमा कराने की शर्त रख दी गई।

आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित ने करीब आठ महीने के दौरान विभिन्न बैंक खातों, यूपीआई आईडी और क्रिप्टो वॉलेट एड्रेस पर कुल 2 करोड़ 60 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने खुद को सेबी से पंजीकृत संस्था का प्रतिनिधि भी बताया था, जिससे उनका विश्वास और बढ़ गया।

What's Your Reaction?

Like Like 1
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User