UP POLITICS: सीएम योगी ने विपक्ष पर बोला तीखा हमला, हनुमानगढ़ीः नमाज-इफ्तार पर बढ़ा क्लेश
- हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप क्यों कराया गया था, ये पाप कांग्रेस और सपा ने किया था.: योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री यूपी
UP POLITICS: सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है. शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे योगी ने कहा कि आज जो आस्था की बात करते हैं, याद करिए इन लोगों ने पवित्र हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का काम किया था, सोचिए क्या कोई जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़वा पाएगा, क्या कोई सरकारी करवा पाएगी? सीएम योगी ने कहा कि हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप क्यों कराया गया था, ये पाप कांग्रेस और सपा ने किया था. लेकिन अब तीनों लोकों से सुंदर अयोध्या नगरी बन चुकी है. कारसेवकों पर गोलियां चलवाने वाले नेपथ्य में चले गए हैं.
बता दें कि सीएम शुक्रवार को अयोध्या में में ₹432 करोड़ से अधिक की 217 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम में सम्मिलित हुए. इस दौरान उन्होंने मंच से कई मुद्दों पर अपने अंदाज में बात कही. वर्ष 2003 में अयोध्या विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए हनुमानगढ़ी के महंत ज्ञान दास के आश्रम में रोज़ा इफ्तार का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाशिम अंसारी सहित कई मुस्लिम नेता शामिल हुए थे, जहां परिसर में नमाज़ पढ़ने का आरोप लगा. यह विवाद गहराने पर हनुमानगढ़ी के ही महंत धर्मदास मामले को लखनऊ उच्च न्यायालय ले गए, जहां से उन्हें परिसर में इफ्तार न कराने का स्टे मिला. वर्ष 2005 में विवाद बढ़ने पर अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत ज्ञान दास ने भविष्य में वहां दोबारा रोज़ा इफ्तार न कराने का निर्णय लिया.
क्या मंदिर की सीढ़ियों पर हुई था नमाज
- घटना 27 अक्टूबर 2003 से 25 नवंबर 2003 के बीच रमजान की है. तब हनुमान गढ़ी के चार पट्टियों में से एक सागरिया पट्टी के महंत ज्ञानदास थे
- महंत ज्ञानदास की बाबरी मामले के पक्षकार हाशिम अंसारी से मित्रता थी. अयोध्या मामले का शांतिपूर्ण सामधान के लिए इफ्तार का आयोजन हुआ. मंदिर के बाहर सीढ़ियों के पास चटाइयां बिछाइयां गईं.
- खुफिया रिपोर्ट के हवाले से तत्कालीन एसएसपी ने इसे हटवा दिया और इफ्तार मंदिर के सामने से हटाकर दूसरी जगह कराया गया था.
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