जंतर-मंतर पर CJP आंदोलन का 15वां दिन: सोनम वांगचुक की बिगड़ी तबीयत, अभिजीत दिपके ने पूछा- 'धर्मेंद्र प्रधान पीएम मोदी के लिए इतने जरूरी क्यों?'
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP (Cockroach Janta Party) का परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन 15वें दिन में पहुंच गया है। वहीं, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का सातवां दिन है। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया कि वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही है और उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल उठाए हैं।
New Delhi : दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं के खिलाफ Cockroach Janta Party (CJP) का प्रदर्शन शनिवार को 15वें दिन में प्रवेश कर गया। इस आंदोलन के समर्थन में जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार की आवाज़ उठाने वाले सोनम वांगचुक भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, जो अब सातवें दिन में पहुंच चुकी है।
'5 किलो वजन घटा, तबीयत लगातार बिगड़ रही'
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया कि सोनम वांगचुक का वजन भूख हड़ताल शुरू होने के बाद करीब 5 किलोग्राम कम हो गया है। उनके अनुसार, वांगचुक की तबीयत लगातार खराब हो रही है और डॉक्टर उनकी नियमित निगरानी कर रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में उनके ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर में भी गिरावट की बात कही गई है।
धर्मेंद्र प्रधान को लेकर पीएम मोदी से सवाल
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने सवाल किया,
"धर्मेंद्र प्रधान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इतने जरूरी क्यों हैं कि उन्हें अब तक पद से नहीं हटाया गया?"
दिपके ने यह भी कहा कि यदि वांगचुक की तबीयत और बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
क्या है आंदोलन की मांग?
CJP का यह आंदोलन 20 जून से जारी है। संगठन का आरोप है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, खासकर NEET समेत अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं हुई हैं। प्रदर्शनकारी इन मामलों में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
वांगचुक ने शिक्षा में जवाबदेही की मांग दोहराई
इस बीच सोनम वांगचुक ने लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच हुई प्रगति का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में भी जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की।
कई नेताओं और संगठनों का समर्थन
जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन को कई छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं का समर्थन मिला है। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि लगातार प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता जता रहे हैं।
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