आगरा चर्चित जोगीपाड़ा हत्याकांड: कोर्ट ने निक्कू चौधरी को सुनाई फांसी की सजा
अपर जिला जज की अदालत ने शूटर ओपी-लाला के भतीजे ललित उर्फ निक्कू चौधरी को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी ने संपत्ति विवाद के चलते अपनी बहन पूनम चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी... See more
- संपत्ति विवाद में बहन को 6 गोलियां मारी थीं, भाभी भी हुई थीं घायल.
आगरा: शाहगंज स्थित जोगीपाड़ा हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला जज की अदालत ने शूटर ओपी-लाला के भतीजे ललित उर्फ निक्कू चौधरी को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। आरोपी ने संपत्ति विवाद के चलते अपनी बहन पूनम चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि भाभी नीलू चौधरी को भी गोली लगने से गंभीर चोटें आई थीं।
मामला शाहगंज के जोगीपाड़ा बाजार का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, ललित उर्फ निक्कू चौधरी का अपनी अविवाहित बहन पूनम चौधरी से पैतृक संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
वहीं, उसके दिवंगत भाई रूपेश चौधरी की पत्नी नीलू चौधरी भी अपने खर्चे की मांग को लेकर उससे मिलने पहुंची थीं। 26 नवंबर 2022 को विवाद के दौरान नीलू चौधरी ने उसकी दुकान पर ताला लगा दिया था, जबकि पूनम चौधरी इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रही थीं।
दुकान पर ताला लगाए जाने से नाराज ललित अपना आपा खो बैठा और उसने दोनों महिलाओं पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पूनम चौधरी के सिर और सीने में छह गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, नीलू चौधरी भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।
मुठभेड़ के बाद हुई थी गिरफ्तारी: घटना के बाद घायल नीलू चौधरी की तहरीर पर शाहगंज थाने में हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने 28 नवंबर 2022 को मुठभेड़ के बाद आरोपी ललित उर्फ निक्कू चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर हुई सजा: मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित किए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को पर्याप्त मानते हुए ललित उर्फ निक्कू चौधरी को दोषी करार दिया।
इसके बाद अपर जिला जज की अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाते हुए मामले का फैसला सुनाया। यह फैसला आगरा के चर्चित हत्याकांडों में एक अहम न्यायिक निर्णय माना जा रहा है।
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