Meerut News: लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अलर्ट मोड में प्रशासन, मेरठ में कोचिंग सेंटरों की जांच की
- जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के निर्देश पर मंगलवार सुबह मेरठ में भी अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह और एसीएम सिविल लाइन प्रभाकर त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
- फायर NOC, इमरजेंसी एग्जिट और सुरक्षा इंतजाम परखी गई.
Meerut News Update: लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मेरठ प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। मंगलवार को जिला प्रशासन और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की। इस दौरान फायर एनओसी, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा मानकों को परखा गया।
सोमवार को लखनऊ में हुए अग्निकांड में 15 से अधिक बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेशभर में जांच अभियान शुरू किया गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के निर्देश पर मंगलवार सुबह मेरठ में भी अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह और एसीएम सिविल लाइन प्रभाकर त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बड़े कोचिंग सेंटरों से शुरू हुई जांच: प्रशासनिक टीम ने सबसे पहले मंगल पांडे नगर क्षेत्र के बड़े कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पहुंचते ही फायर एनओसी की जांच की और आग लगने की स्थिति से निपटने के इंतजामों का जायजा लिया। कई कोचिंग संस्थानों में कक्षाएं संचालित हो रही थीं। ऐसे में अधिकारियों ने क्लासरूम, प्रवेश और निकास मार्गों के साथ इमरजेंसी एग्जिट की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान कोचिंग संचालकों में खलबली का माहौल रहा।
उपकरण चलवाकर देखा गया सिस्टम: निरीक्षण के दौरान ड्राई पाउडर फायर एक्सटिंग्विशर, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम, होज पाइप और पानी के प्रेशर की जांच की गई। अधिकारियों ने मौके पर ही कर्मचारियों से उपकरण चलवाकर उनकी कार्यक्षमता भी परखी। जांच में यह भी देखा गया कि पानी का दबाव कितनी ऊंचाई तक प्रभावी तरीके से पहुंच रहा है। अधिकांश संस्थानों में पानी का प्रेशर केवल एक मंजिल तक ही संतोषजनक मिला।
बेसमेंट में कोचिंग न चलाने के निर्देश: सीएम सिविल लाइन प्रभाकर त्रिपाठी ने बताया कि सभी कोचिंग संस्थानों को अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। संचालकों से प्रशिक्षित स्टाफ, सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव और इमरजेंसी प्लान के संबंध में भी जानकारी ली गई।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बेसमेंट में कोचिंग संचालन नहीं होना चाहिए और सभी संस्थानों को नियमानुसार फायर एनओसी लेकर ही संचालन करना होगा।
सूचना मिलते ही कई कोचिंग बंद: अभियान की जानकारी मिलते ही शहर के कई क्षेत्रों में संचालित कोचिंग सेंटरों के संचालकों ने संस्थान बंद कर दिए। पीएल शर्मा रोड समेत कई इलाकों में दर्जनों कोचिंग सेंटर बंद मिले। स्थानीय लोगों का कहना है कि इनमें से कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में निरीक्षण से पहले ही कोचिंग सेंटरों का बंद होना चर्चा का विषय बना रहा।
CFO बोले - जारी रहेगा अभियान: मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि लखनऊ की घटना के बाद कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण शुरू किया गया है। एनओसी के साथ कोचिंग में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम देखे गए हैं। अभी तक के अभियान में स्थिति संतोषजनक मिली है। जहां थोड़ी बहुत खामियां सामने आई हैं, उनको दुरुस्त करने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। आगे भी अभियान जारी रहेगा।
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