मुंबई में अमेरिकी राजदूत और महाराष्ट्र के सीएम के बीच अहम बैठक; AI, सेमीकंडक्टर और विनिर्माण में निवेश बढ़ाने पर जोर
मुंबई में आयोजित 'इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स' (IACC) राष्ट्रीय सम्मेलन में अमेरिकी राजदूत और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बीच उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग व रोजगार सृजनकारी निवेश बढ़ाने पर चर्चा हुई।
मुंबई: भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक, औद्योगिक और तकनीकी साझेदारी को नई गति देने के उद्देश्य से मुंबई में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (IACC) राष्ट्रीय सम्मेलन के मंच पर अमेरिकी राजदूत और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री/उपमुख्यमंत्री के बीच गहन द्विपक्षीय वार्ता हुई।
इस संवाद का मुख्य केंद्र दोनों देशों के बीच व्यापारिक बातचीत को धरातल पर उतारकर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजनकारी परियोजनाओं (Job-creating Projects) में तब्दील करना रहा।
किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति?
सम्मेलन के दौरान दोनों पक्षों ने भविष्य की अर्थव्यवस्था को दिशा देने वाले प्रमुख तकनीकी और औद्योगिक सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित किया:
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर: चिप डिजाइनिंग, सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और एआई आधारित नवाचारों में संयुक्त उपक्रम स्थापित करने पर बल दिया गया।
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उन्नत विनिर्माण (Advanced Manufacturing): वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करने के लिए अमेरिकी कंपनियों को महाराष्ट्र में उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया गया।
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हेल्थकेयर और साइबर सुरक्षा: चिकित्सा अनुसंधान, बायो-फार्मास्यूटिकल्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचा तैयार करने पर सहमति बनी।
$660 बिलियन की अर्थव्यवस्था: महाराष्ट्र बना निवेश का पसंदीदा केंद्र
बैठक के दौरान राज्य के शीर्ष नेतृत्व ने रेखांकित किया कि महाराष्ट्र वैश्विक निवेशकों के लिए आदर्श गंतव्य है:
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मजबूत आर्थिक आधार: महाराष्ट्र की वर्तमान $660 बिलियन की अर्थव्यवस्था, विशाल कुशल प्रतिभा पूल (Talent Pool) और औद्योगिक अनुकूल माहौल वैश्विक सह-निवेश (Co-investment) के लिए सर्वोत्तम अवसर प्रदान करता है।
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आधुनिक बुनियादी ढांचा: मुंबई की नई तटीय सड़क (Coastal Road) और ट्रांस-हार्बर लिंक जैसी विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं ने शहर में आवागमन को सुगम बनाकर औद्योगिक लॉजिस्टिक्स को नई रफ्तार दी है।
2030 तक $500 बिलियन द्विपक्षीय व्यापार का रोडमैप
भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों के आंकड़ों को भी साझा किया गया:
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दो दशकों में 12 गुना उछाल: पिछले दो दशकों में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार $20 बिलियन से बढ़कर $240 बिलियन से अधिक के स्तर पर पहुंच गया है।
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भविष्य का लक्ष्य: दोनों लोकतांत्रिक साझेदारों ने आपसी सहयोग और खुले व्यापार समझौतों के माध्यम से वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $500 बिलियन (लगभग 41 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंचाने का साझा संकल्प दोहराया है।
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